मेसकौर में पानी के लिए हाहाकार, चापाकल भी ठप
विवेक कुमार
मेसकौर, नवादा (बिहार)। सोमवार को प्रखंड क्षेत्र के मेसकौर पंचायत अंतर्गत मेसकौर गांव पहुंचे मीडियाकर्मियों को मेसकौर के ग्रामीणों ने बताया कि अवध किशोर कुशवाहा के घर के समीप एक सरकारी चापाकल है। जिससे दो दर्जनों घरों के लोग प्यास बुझाते हैं। ग्रामीण ओमकार यादव, मनोज यादव ने बताया कि एक महीने से चप्पल खराब है। कई बार इसकी सूचना पीएचडी विभाग के चापाकल मरम्मत दल को दिया गया है। परंतु एक बार भी चापाकल नहीं बन सका। जब भी कॉल करते हैं तो आज या कल आने के बातें कर बहाना बना देते हैं। ग्रामीण मनोज़ यादव एवं सलेंदर कुशवाहा ने बताया कि मेसकौर गांव वार्ड नम्बर 2 है। एक सरकारी चापाकल है जो पिछले दो-तीन महीने से खराब पड़ा है। इसकी सूचना भी पीएचडी विभाग के मरम्मत दल एवं पीएचडी विभाग के मेसकौर जेई को दिया गया। लेकिन आजतक चापाकल की मरम्मत नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि लोग दूसरे के घरों से जाकर पानी लाकर और बधार के कुंआ से पानी लाकर अपने-अपने कार्य करते है, जिससे काफी परेशानी है। जबकि बिदेशी राजवंशी के घर के स्थित चप्पल से 20-25 घरों में पीने की पानी का उपयोग होता है। चापाकल खराब हो जाने से कई घरों के लोग काफी परेशान नजर आ रहे हैं। जबकि सरकार की तरफ से चपाकल मरम्मत दल का भी गठन किया गया है। लेकिन सभी कागज पर ही सीमित रह जाते हैं। साधारण लोगों की बातें सुनने वाले कोई अधिकारी भी नहीं है।














