अधिकारियों से मिला किसानों का प्रतिनिधिमण्डल, सौंपा ज्ञापन
तेजस टूडे ब्यूरो
सूचित पाण्डेय
भभुआ (बिहार)। किसानों का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष विमलेश पांडेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी सुनील कुमार को 4 सूत्रीय मांग का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों को दुगना मुआवजा के अर्बिटेटर या कमिश्नर के आदेश की प्रमाणित नकल एवं मुआवजा भुगतान बिना किए भारत माला परियोजना निर्माण कार्य बंद करने की मांग की गई है। ज्ञापन में परियोजना बंद नहीं किए जाने पर किसानों ने खुद कार्य रोकने का निर्णय लिया है। किसानों का प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को साफ साफ कह दिया की बिना नकल एवं मुआवजा का भुगतान किए एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
भारत माला परियोजना बनारस रांची टू कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य कैमूर जिले में तकनीकी अड़चन में फंसता हुआ नजर आ रहा है। किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर एवं भारतीय किसान यूनियन कैमूर के नेतृत्व में पिछले दो सालों से किसानों ने जबरदस्त आंदोलन कर भारत माला परियोजना रोक दिया। तत्कालीन जिलाधिकारी सावन कुमार के पहल के बाद किसानों के कृषि भूमि का मुआवजा दुना कमिश्नर पटना के द्वारा किया गया। जबकि सावन कुमार का तबादला होने के बाद फिर से भारत माला परियोजना का कार्य बाधित हो गया है। इस संबंध में अध्यक्ष विमलेश पांडेय पशुपति नाथ सिंह महासचिव सचिव अनिल सिंह ने कहा अर्बिटेटर या कमिश्नर के द्वारा मुआवजा दुना किए जाने के बाद किसानों को प्रमाणित नकल नहीं मिल रहा है। किसान नेताओं ने कहा नकल नहीं मिलने से किसान उचित मुआवजा की मांग आगे न्यायालय में नहीं रख सकते हैं। किसान नेताओं ने कहा जबतक किसानों को दुगना मुआवजा किए जाने की प्रमाणित नकल नहीं मिल जाता है तब तक परियोजना का कार्य रोकने का निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए किसान प्रतिनिधिमंडल ने मसोई पाली आदि गांवों का लोकलाइज्ड एमवीआर बढ़ाने मुआवजा की राशि का जल्द भुगतान करने एवं सर्विस रोड की मांग की गई है। जिलाधिकारी सुनील कुमार ने कहा किसानों की मांग पुरी की जाएगी।
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