तत्पश्चात तनिष्क परिवार के द्वारा कलमकार बंधुओं के सम्मान मे लंच पार्टी की भी व्यवस्था की गयी थी। इस अवसर पर तनिष्क परिवार के तरफ से कहा गया कि न्यूजपेपर डे पर हम उन पत्रकारों और प्रकाशकों का आभार व्यक्त करते हैं जो हमें सटीक और निष्पक्ष समाचार प्रदान करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। एक सशक्त लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता जरूरी है। आइए हम समाचार पत्र पढ़ने की आदत बनाए रखें और जागरूक समाज का हिस्सा बनें। ज्ञात हो कि भारत में समाचार पत्रों की शुरुआत का सम्मान करने के लिए 29 जनवरी को भारतीय समाचार पत्र दिवस के रूप में जाना जाता है। इस दिन का उद्देश्य भारतीय समाचार पत्रों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। 29 जनवरी 1780 को भारत का पहला समाचार पत्र द बंगाल गजट प्रकाशित हुआ था। कोलकाता में जेम्स अगस्तस हिकी द्वारा बंगाल गजट की स्थापना की गई थी। यह अख़बार भारत में पहला अंग्रेजी भाषा का साप्ताहिक अखबार था। हिक्की एक स्वतंत्र विचारक थे जिन्होंने अपने समाचार पत्र में ब्रिटिश सरकार की आलोचना की थी। ऐसे में उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा था। बंगाल गैजेट से पत्रकारिता को साहस और स्वतंत्रता मिली। वहीं 1963 में भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार संघ ने 29 जनवरी को भारतीय समाचार पत्र दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इसके बाद से हर साल 29 जनवरी को भारतीय समाचार पत्र दिवस मनाया जाने लगा। यह शिक्षा, लोकतंत्र और जागरूकता को बढ़ावा देने में पत्रकारिता के महत्व को दर्शाता है। यह दिन सूचना प्रदान करने और समाज के प्रहरी के रूप में सेवा करने में समाचार पत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देता है।





