Homeप्रतापगढ़20 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का हुआ...

20 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का हुआ भण्डाफोड़

20 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का हुआ भण्डाफोड़

तेजस टूडे ब्यूरो
संदीप सिंह
प्रतापगढ़। जनपद में साइबर थाना एवं जनपदीय साइबर सेल प्रतापगढ़ द्वारा 20 करोड़ से अधिक की ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग एवं लोन एप के माध्यम से की जा रही अंतरराज्यीय साइबर ठगी का सफल पर्दाफाश हुआ है। 3 अभियुक्त गिरफ्तार भी किए गए हैं। 16 राज्यों से जुड़ी 55 शिकायतों का खुलासा हुआ है। पुलिस अधीक्षक डा0 अनिल कुमार के निर्देशन व नोडल अधिकारी साइबर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी संजय राय के निकट पर्यवेक्षण में साइबर अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियन्त्रण हेतु निर्देशित किया गया था।
इसी क्रम में वादी मुकदमा आजम अली पुत्र मरो0 इस्लाम निवासी ग्राम वीवीपुर थाना जेठवारा जनपद प्रतापगढ़ की लिखित तहरीर के आधार पर साइबर थाना में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या आईटी एक्ट दर्ज कर वादी मुकदमा के साथ अन्र्तराज्यीय साइबर अपराधियों के गिरोह के सदस्यों द्वारा लोन दिलाने का लालच देकर खाता खुलवाने व उसका इस्तेमाल साइबर अपराध में करने के सम्बन्ध में जांच/विवेचना के क्रम मेंसाइबर क्राइम थाना जनपद प्रतापगढ़ व साइबर सेल प्रतापगढ़ द्वारा सम्मिलित कार्यवाही करते हुए 11 जुलाई को समय 8.50 बजे एoटीoएलo ग्राउन्ड प्रतापगढ़ से 3 अभियुक्त को गिरफ़्तार किया गया। उनके कब्जे से उक्त घटना में प्रयुक्त मोबाइल व अन्य सुसंगत दस्तावेज बरामद हुये।
पकड़े गये लोगों में शिवम तिवारी पुत्र सूर्य प्रकाश तिवारी निवासी सगरा पूरे ओझा कोतवाली नगर प्रतापगढ़, अनुराग शुक्ला पुत्र राजेन्द्र शुक्ला निवासी शुकुलपुर दहिलामऊ कोतवाली नगर प्रतापगढ़ एवं अंकित पाल पुत्र प्रभाकर पाल निवासी भंगवा चुंगी कोतवाली नगर प्रतापगढ़ हैं। इनके पास से बरामद मोबाइल सहित अन्य दस्तावेजों की जांच करने पर साइबर अपराध संबंधित तथ्य प्रकाश में आया जिसके बारे में पूछताछ किया गया तो अंकित उपरोक्त ने बताया कि हम लोग वर्तमान में हो रहे साइबर अपराध गेमिंग फ्रॉड, ट्रैडिंग के नाम पर धोखाधड़ी तथा लोन व नौकरी के नाम पर सीधे—साधे लोगों को झांसे में लेकर उनके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। हमारा एक संगठित गिरोह है। हमारे गिरोह के सक्रिय सदस्य शिवम व अनुराग हैं। इनके द्वारा आम जनमानस को झांसे में लेकर धोखे से उनके खाते खोलवाकर उनके खाते में अन्य किसी व्यक्ति के नाम पते पर सिम एक्टिवेट करके खाते से प्राप्त बैंकिग किट व एक्टिवेटड सिम हमें देते हैं। हमारे अन्य साथी जो बिहार, असम, बंगाल सहित अन्य राज्यों में हैं। हम लोग मिलकर टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर ऐसे लोगों को चिह्नित करके जोड़ते हैं जो गेमिंग व ट्रेडिंग एप में रुचि लेते हैं। शुरआती दौर में उनमें जब व थोड़ा पैसा इन्वेस्ट करते हैं तो उन्हें कुछ फायदा देते हैं। इससे वह लालच में आकर और अधिक पैसा लगाते हैं, फिर हम फर्जी एप जनरेट करके उसी एप में पैसा इन्वेस्ट कराते हैं तथा उनके पोर्टफोलियों में इन्वेस्ट किया गया धनराशि दो गुना प्रदर्शित करवाया जाता है। इसी लालच में आकर उनके द्वारा लाखों रुपया इन्वेस्ट किया जाता है जिसे हम लोग उपरोक्त दूसरे खातों में स्थानान्तरित कर आपस में बाँट लेते थे। जब खाते फ्रिज हो जाते थे तो हम अपने गिरोह के सक्रिय सदस्यों द्वारा और खातों को मँगवाकर उनमें पैसे स्थानान्तरित करवाये जाते थे। उक्त खातों से सम्बन्धित कागजात हमारे पास मौजूद हैं।
अभियुक्तगण के पास से बरामदशुदा दस्तावेज व मोबाइल का विश्लेषण किया गया तो इनके तथा अन्य खातों में अत्याधिक धनराशि का स्थानान्तरण पाया गया जिसको साइबर पुलिस पोर्टल पर चेक करने पर लगभग 20 करोड़, 5 लाख, 86 हजार, 8 सौ 79 रुपये कुल 16 राज्यों (महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु, तेलंगाना, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, केरल, छत्तीसगढ़, आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटका, उत्तराखण्ड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा) में 55 शिकायतों में फ्राड धनराशि का रिपोर्ट किया गया है। जाँच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के सम्बन्ध पश्चिम बंगाल, बिहार, असम जैसे राज्यों के अन्य साइबर अपराधियों से जुड़े हुए हैं जिनके माध्यम से यह साइबर ठगी का नेटवर्क चलाया जा रहा है।

आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।

 JAUNPUR NEWS: Hindu Jagran Manch serious about love jihad

Job: Correspondents are needed at these places of Jaunpur

600 बीमारी का एक ही दवा RENATUS NOVA

Must Read