शक्ति उपासना का महापर्व कलश स्थापना के साथ हुआ आरम्भ
सुनील कुमार
नवादा, (बिहार)। मां देवी दुर्गा का नौ दिवसीय नवरात्र रविवार को कलश स्थापना के साथ आरम्भ हो गया है। इस मौके शहर में कई प्रकार के झांकियां निकाली गयी एवं अलग-अलग तालाबों एवं जलाशयों से कलश में जल भरा गया। श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। भक्ति गीतों और शंखनाद से पूरा शहर भक्तिमय हो गया। देवी के नौ प्रमुख रूपों ( मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघण्टा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री) की पूजा अर्चना की शुरुआत हो गया है।
पंडितों ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कलश स्थापना हमेशा अभिजीत मुहूर्त और प्रतिपदा तिथि में ही शुभ माना गया है। इस बार अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:38 से शुरू होकर अपराहन 12:23 मिनट तक रहा इसके उपरांत 12:24 मिनट से वैधृति योग शुरू हो गया। ऐसे में इस बार शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त मात्र 45 मिनट का ही रहा। सुबह से ही कलश स्थापना के लिए कलश में जल भरकर लाने का सिलसिला प्रारम्भ हो गया महिलाएं बुजुर्गों एवं बच्चों ने इस दरमियान अपने-अपने हाथों में धर्म ध्वज लेकर कलश स्थापना में जल भरने के लिए नदी एवं तालाबों की ओर गाजे-बाजे के साथ जुलूस की शक्ल में निकल पड़े। लोगों में काफी उमंग एवं उत्सुकता देखी गई। जल लेने लेने के लिए नगर परिषद के वार्ड नंबर 27 नंदलाल बिगहा स्थित पवित्र हर मंदिर सरोवर, हिसुआ डीह आहर एवं झिकरुआ सूर्य मंदिर पहुंचे और वहां स्नान ध्यान कर विधिपूर्वक कलश में जल भरकर अपने-अपने गंतव्य की ओर चल पड़े। इस दरमियान कलश स्थापना जुलूस में गाजे-बाजे के साथ-साथ काफी संख्या में लोग शामिल हुए।

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