परिषदीय विद्यालयों के मर्जर/पेयरिंग के विरोध में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
तेजस टूडे ब्यूरो
संदीप सिंह
प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों के मर्जर (विलय) या पेयरिंग के निर्णय के खिलाफ शिक्षकों का विरोध तेज हो गया है।
इसी कड़ी में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रतापगढ़ शाखा ने सदर विधायक राजेंद्र मौर्य को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सरकार से मर्जर प्रक्रिया को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है।
संघ के जिलाध्यक्ष सुशील मिश्र ने इस मर्जर प्रक्रिया को एक गलत निर्णय बताते हुए कहा कि यह शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE Act) का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस निर्णय से परिषदीय विद्यालयों को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सरकार से इस जनविरोधी फैसले को तुरंत वापस लेने की अपील किया। जिला मंत्री प्रफुल सिंह ने बताया कि पेयरिंग के नाम पर प्राथमिक विद्यालयों को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है जो बच्चों के शिक्षा के मौलिक अधिकार का हनन है। तर्क दिया कि यह कदम न केवल गरीब और वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित करेगा, बल्कि शिक्षकों की पदोन्नति और उनके भविष्य पर भी बुरा असर डालेगा।
ज्ञापन कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सुशील मिश्र, जिला मंत्री प्रफुल सिंह के साथ मोहम्मद आमिर, राहुल पाण्डेय, विनोद सरोज, शिवजी तिवारी, मो. मकसूद, कुलदीप, नवनीत, राशिद, आदर्श सहित बड़ी संख्या में शिक्षक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए शिक्षक संघ ने चेतावनी दिया कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। यह ज्ञापन ऐसे समय में सौंपा गया है। जब राज्यभर में शिक्षक संगठन मर्जर और पेयरिंग के खिलाफ मुखर विरोध कर रहे हैं और मुख्यमंत्री को लगातार ज्ञापन भेज रहे हैं। उनका आरोप है कि यह कदम छात्र-शिक्षक अनुपात सुधारने के नाम पर स्कूलों को बंद करने की साजिश है।
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