टूंडला बस स्टैंड, जिसे एसडीएम अनुराधा सिंह की सख्ती के बाद अतिक्रमण मुक्त कराकर व्यवस्थित करने की बात कही गई थी, अब फिर से प्राइवेट पार्किंग में तब्दील होता नजर आ रहा है।
सवाल यह उठता है कि जब निगम के उच्च अधिकारी ही निर्देश दे रहे हैं तो स्थानीय इंचार्ज उनके आदेशों को कैसे खारिज कर सकते हैं?








