HomeFirozabadअधिकारियों के आदेशों की खुलेआम उड़ायी जा रहीं धज्जियां

अधिकारियों के आदेशों की खुलेआम उड़ायी जा रहीं धज्जियां

अधिकारियों के आदेशों की खुलेआम उड़ायी जा रहीं धज्जियां

टूंडला बस स्टैण्ड बना प्राइवेट पार्किंग का अड्डा!
तेजस टूडे ब्यूरो
आशीष पचौरी
फिरोजाबाद। जहां प्रशासन सख्ती से अतिक्रमण हटाने और बस स्टैंड को फिर से सुचारू रूप से संचालित करने का दावा कर रहा है, वहीं स्थानीय जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही और मिलीभगत ने पूरे अभियान को मज़ाक बनाकर रख दिया है। टूंडला बस स्टैंड, जिसे एसडीएम अनुराधा सिंह की सख्ती के बाद अतिक्रमण मुक्त कराकर व्यवस्थित करने की बात कही गई थी, अब फिर से प्राइवेट पार्किंग में तब्दील होता नजर आ रहा है।

——इनसेट——
स्टेशन इंचार्ज ने क्षेत्रीय प्रबंधक की बात को बनायी ‘फर्जी खबर’!
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा बस स्टैंड को दोबारा संचालित किए जाने की घोषणा को ही स्टेशन इंचार्ज ने झूठा बता दिया। इतना ही नहीं, बस स्टैंड में लगातार प्राइवेट वाहनों की एंट्री और अवैध पार्किंग को नजरअंदाज किया जा रहा है। सवाल यह उठता है कि जब निगम के उच्च अधिकारी ही निर्देश दे रहे हैं तो स्थानीय इंचार्ज उनके आदेशों को कैसे खारिज कर सकते हैं?

——इनसेट——
बस स्टैण्ड में गाड़ियों का लगा मेला, बस चालकों की बढ़ी परेशानी
बस चालकों ने बताया कि स्टैंड के प्रवेश द्वार और दोनों ओर प्राइवेट वाहनों की अवैध पार्किंग से उन्हें बसें मोड़ने और खड़ी करने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शाम होते ही स्टैंड को खाली करवा दिया जाता है और वहां खुल्लमखुल्ला कुल्फी और टिक्की खाने वालों की गाड़ियां खड़ी हो जाती हैं। यह सब स्टेशन इंचार्ज की मौन सहमति और संरक्षण के बिना संभव नहीं है।

——इनसेट——
कुल्फी वाले से नहीं छूट रहा बस स्टैण्ड का कब्जा
पहले ही चर्चित कुल्फी विक्रेता का कब्जा फिर से लौट आया है। एसडीएम अनुराधा सिंह की कार्रवाई में हटाया गया अतिक्रमण दोबारा जगह ले चुका है। यह न सिर्फ प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर अधिकारी या तो लापरवाह हैं या मिलीभगत में शामिल।

——इनसेट——
प्रशासन की सख्ती के बाद भी सब ‘जैसे का तैसा’
कुछ ही दिन पहले एसडीएम अनुराधा सिंह के नेतृत्व में टूंडला में चला बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान, जिसमें पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने हीरालाल कुल्फी वाले के कब्जे पर डंडा चलाया और कर्मचारियों को फटकार लगाई थी। उन्होंने स्पष्ट आदेश दिया था कि अब से सभी बसें बस स्टैंड के भीतर से ही संचालित होंगी लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि स्टैंड के अंदर से नहीं बल्कि बाहर से ही बसों का संचालन जारी है और अंदर कुल्फी वालों का ‘राज’ कायम है। खबरें उठाने वाले स्थानीय पत्रकारों पर भी दबाव डालने की कोशिश की जा रही है, ताकि ऐसी सच्चाइयां सामने न आयें लेकिन पत्रकारिता का धर्म निभाते हुए सच को सामने लाना जरूरी है, क्योंकि सवाल सिर्फ अतिक्रमण या पार्किंग का नहीं, जनहित और सरकारी आदेशों की अवमानना का है।

——इनसेट——
प्रश्न प्रशासन से
जब आदेश स्पष्ट हैं तो कार्यवाही क्यों नहीं हो रही? क्या स्थानीय अधिकारी उच्चाधिकारियों की बातों को नज़रअंदाज कर अपने नियम चला रहे हैं? कब तक प्राइवेट पार्किंग बना रहेगा टूंडला बस स्टैंड? जनता और पत्रकार अब जवाब की मांग कर रहे हैं। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।

आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।

 JAUNPUR NEWS: Hindu Jagran Manch serious about love jihad

Job: Correspondents are needed at these places of Jaunpur

600 बीमारी का एक ही दवा RENATUS NOVA

Must Read