ईओ की प्रताड़ना से टूटे निलम्बित कर्मचारी ने की आत्महत्या
सुसाइड नोट में लिखा– ‘आपकी वजह से एक मौत हो रही है’
तेजस टूडे ब्यूरो
आशीष पचौरी
टूंडला, फिरोजाबाद। स्थानीय कस्बे में शनिवार सुबह नगर पालिका में कार्यरत रहे एक निलंबित कर्मचारी की आत्महत्या ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है।
45 वर्षीय प्रकाश चंद्र शर्मा ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। प्रकाश हाल ही में अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत निलंबित किए गए थे।
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर टूंडला नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आशुतोष त्रिपाठी को आत्महत्या का कारण बताया है। इस घटना के बाद जहां परिजन EO पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगा रहे हैं, वहीं ईओ आशुतोष त्रिपाठी ने इस पूरे मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
——इनसेट——
क्या हुआ था उस दिन?
पत्नी रंजना शर्मा के मुताबिक प्रकाश शुक्रवार को घर लौटने के बाद बेहद चुपचाप और तनाव में थे। उन्होंने बताया कि उन्हें ऑफिस से निलंबन पत्र दे दिया गया था। रात में खाना खाने के बाद प्रकाश नीचे कमरे में सो गए जबकि बाकी परिवार छत पर चला गया। सुबह जब सभी नीचे लौटे तो देखा कि प्रकाश का शव पंखे से लटक रहा था।
——इनसेट——
ईओ आशुतोष त्रिपाठी का जवाब– प्रताड़ना जैसी कोई बात नहीं थी
जब मामले पर ईओ आशुतोष त्रिपाठी से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि “प्रकाश अक्सर ड्यूटी पर नशे की हालत में आता था। हाल के दिनों में उसने PF निकालने के लिए कई बार आवेदन किया लेकिन उसके परिवार ने खुद अनुरोध किया था कि उसे PF न दिया जाय, क्योंकि वह सारा पैसा शराब में उड़ा देगा, इसलिए PF रोक दिया गया।” ईओ ने आगे बताया “गुरुवार को सुबह 11 बजे वह शराब पीकर ऑफिस पहुंचा और 11:30 बजे जब PF देने से इनकार किया गया तो उसने अन्य कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई शुरू कर दी। इसके बाद दोपहर 3 बजे कर्मचारियों की सहमति से उसका निलंबन पत्र तैयार किया गया। “शुक्रवार को जब वह ड्यूटी पर आया तो उसे दोपहर 12 बजे निलंबन पत्र सौंपा गया। पत्र में स्पष्ट लिखा था कि निलंबन अवधि में उसका वेतन जारी रहेगा और उसे टूंडला की अस्थायी गौशाला से अटैच किया गया था। साथ ही पूरे मामले की जांच अवर अभियंता (सिविल) को सौंपी गई थी। प्रताड़ना जैसी कोई स्थिति नहीं थी।”
——इनसेट——
परिवार का आरोप और सुसाइड नोट का दर्द
हालांकि परिजन इस बयान को खारिज करते हैं। उनका कहना है कि प्रकाश मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था और EO का व्यवहार लगातार अपमानजनक रहा। यही कारण है कि उसने सुसाइड नोट में लिखा– “आपकी वजह से एक मौत हो रही है… आप सही से नहीं रह पाओगे।” इस नोट में ‘आप’ किसे संबोधित किया गया है, यह स्पष्ट नहीं था लेकिन परिजनों का दावा है कि यह सीधा इशारा अधिशासी अधिकारी की ओर है जिनका व्यवहार हाल के दिनों में बेहद दबावपूर्ण और अपमानजनक रहा।
——इनसेट——
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और सुसाइड नोट को जब्त कर लिया गया है। थाना टूंडला प्रभारी अंजीश कुमार का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
——इनसेट——
निष्कर्ष
प्रकाश चंद्र शर्मा की आत्महत्या अब सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं रही। यह एक ऐसा मामला बन गया है जिसमें कार्यस्थल की कार्यसंस्कृति, प्रशासनिक रवैया और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को गंभीरता से देखने की आवश्यकता है। हालांकि ईओ ने स्पष्ट किया है कि सब कुछ नियमानुसार किया गया था और प्रताड़ना जैसा कुछ नहीं था लेकिन एक व्यक्ति की जान जाने के बाद अब यह मामला प्रशासन, समाज और मीडिया के लिए चिंतन का विषय बन गया है।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।














