भूखे परिवार के लिये मसीहा साबित हुई रोहनिया पुलिस

मुस्ताक आलम रोहनिया, वाराणसी। स्थानीय क्षेत्र की पुलिस का कार्य बहुत ही सराहनीय रहा है। जब से सरकार ने पूरे देश में लॉक डाउन किया है और सभी को अपने घर के अंदर रहने और लॉक डाउन का पूर्ण रूप से पालन करने के लिए कहां है। इसका सुनिश्चित पालन कराने का पूरा दारोमदार पुलिस प्रशासन को सौंपा गया है। लॉ एण्ड आर्डर के साथ प्रशासन द्वारा पुलिसकर्मी घर-घर राशन और खाना पहुंचाने का भी बीड़ा उठाए हैं। आज रोहनिया थाना क्षेत्र के मड़ाव गांव के धर्मेंद्र पटेल ने रोहनिया थाने पर सूचना दिया कि उनके यहां खाने का कोई भी सामान मौजूद नहीं है। जैसे ही सूचना रोहनिया प्रभारी निरीक्षक परशुराम त्रिपाठी को हुई। उन्होंने तत्काल उपनिरीक्षक सत्येंद्र प्रताप सिंह व मुख्य आरक्षी विजयशंकर यादव, आरक्षी सुरेंद्र यादव के साथ प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर धर्मेंद्र के यहां राशन पहुंचाने का वीणा उठाया। इन कोरोना जांबाजों का स्वागत लोग तहे दिल से कर रहे हैं। कोरोना के असली वीर योद्धा उत्तर प्रदेश पुलिस के यह कर्मचारी और सिपाही है।

मुस्ताक आलम
रोहनिया, वाराणसी। स्थानीय क्षेत्र की पुलिस का कार्य बहुत ही सराहनीय रहा है। जब से सरकार ने पूरे देश में लॉक डाउन किया है और सभी को अपने घर के अंदर रहने और लॉक डाउन का पूर्ण रूप से पालन करने के लिए कहां है। इसका सुनिश्चित पालन कराने का पूरा दारोमदार पुलिस प्रशासन को सौंपा गया है। लॉ एण्ड आर्डर के साथ प्रशासन द्वारा पुलिसकर्मी घर-घर राशन और खाना पहुंचाने का भी बीड़ा उठाए हैं।

आज रोहनिया थाना क्षेत्र के मड़ाव गांव के धर्मेंद्र पटेल ने रोहनिया थाने पर सूचना दिया कि उनके यहां खाने का कोई भी सामान मौजूद नहीं है। जैसे ही सूचना रोहनिया प्रभारी निरीक्षक परशुराम त्रिपाठी को हुई। उन्होंने तत्काल उपनिरीक्षक सत्येंद्र प्रताप सिंह व मुख्य आरक्षी विजयशंकर यादव, आरक्षी सुरेंद्र यादव के साथ प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर धर्मेंद्र के यहां राशन पहुंचाने का वीणा उठाया। इन कोरोना जांबाजों का स्वागत लोग तहे दिल से कर रहे हैं। कोरोना के असली वीर योद्धा उत्तर प्रदेश पुलिस के यह कर्मचारी और सिपाही है।