ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने दिये टिप्स, बेटियों के सपने को मिलेगी नयी उड़ान
तेजस टूडे ब्यूरो
जितेन्द्र सिंह चौधरी/कन्हैया लाल
मिर्जामुराद, वाराणसी। आशा ट्रस्ट द्वारा संचालित आशा ज्ञान पुस्तकालय नागेपुर में रविवार को ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य को बेहतर करियर निर्माण के उद्देश्य से ऑफलाइन एवं ऑनलाइन करियर मोटिवेशन कार्यशाला हुई। कार्यशाला में देश-विदेश के अलग अलग संस्थानों के अध्यापकों तथा अलग-अलग विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा में प्रवेश परीक्षाओं, छात्रवृत्ति और करियर के विभिन्न अवसरों की जानकारी दिया
कार्यशाला के प्रथम सत्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से जुड़े प्रभु और अजीत ने छात्राओं को विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षाओं की सही तैयारी, नियमित अध्ययन और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से छात्राएं बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्राप्त कर सकती हैं। अजीत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं और अपनी प्रतिभा के बल पर सफलता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
कार्यशाला के दूसरे सत्र में ऑनलाइन माध्यम से लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े प्रोफेसर पीयूष जी ने छात्राओं को संबोधित किया। साथ ही कहा कि आर्थिक परिस्थितियां शिक्षा और सफलता की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में जानकारी देते हुए छात्राओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उनका सपना है कि गांवों में भी अपनी विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित हों जहां प्रतिभावान बच्चे प्रयोगों के माध्यम से नई खोज कर सकें।
केरल में पढ़ाई कर रहे अवनीश और मधुलिका ने छात्राओं के साथ अपने अनुभव साझा करते हुये उन्हें भविष्य की संभावनाओं और उच्च शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। वहीं बेंगलुरु स्थित नवगुरु संस्थान से रामा आशीष ने दो वर्षीय कंप्यूटर मैनेजमेंट कोर्स की जानकारी दी। क्षितिज जी ने ड्रोन कैमरे की कार्यप्रणाली, उसके उपयोग और इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया। पुस्तकालय संयोजक पंचमुखी सिंह ने कहा कि इस प्रकार की करियर मोटिवेशन कार्यशालाएं ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों से परिचित कराती हैं। इससे उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर का क्षेत्र चुनने तथा आगे की पढ़ाई की योजना बनाने में मदद मिलती है, इस समय आशा ज्ञान पुस्तकालय के मार्गदर्शन और सहयोग से 19 बच्चे-बच्चियां विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्रवृत्ति के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सही मार्गदर्शन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक करना है कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र के 90 छात्र/छात्राओं ने भाग लिया व उनके उज्जल भविष्य की कामना के साथ कार्यशाला का समापन किया गया।
इस अवसर पर मनीष, सोनल, अंजली, आकांशा, साक्षी, प्रिया, चंदन, प्रीतम, आकाश, मनीष, गोलू, अरविंद, निधि, मुस्कान, गूंजा, चुलबुली, ज्योति, पिहू, आराधना, प्रिया आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आशा ज्ञान पुस्तकालय के संयोजक पंचमुखी सिंह ने किया। स्वागत मनीष कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन नंदलाल मास्टर ने किया।













