बनारस के प्रगतिशील किसान ने विकसित किया धान की नयी दो प्रजाति
तेजस टूडे ब्यूरो
जितेन्द्र सिंह चौधरी
रोहनिया, वाराणसी। आराजी लाइन विकास खंड क्षेत्र के टडिया निवासी प्रगतिशील किसान प्रकाश सिंह ने सिलेक्शन करके धान की दो ऐसी प्रजाति को विकसित किया है जो जैविक खेती के लिए उपयुक्त है। धान कुदरत 5 और धान कुदरत 1 दिव्या ईरी कलेक्ट्री फॉर्म के कैंपस वाराणसी में धान कुदरत 5 और कुदरत 1 दिव्या 3 वर्षों से परीक्षण चल रहा है।
आईआरआरआई ने कई जिले के जैविक खेती करने वाले किसानों को बुलाकर और ईरी के कृषि वैज्ञानिक डॉ.एंथोनी, डॉ. प्रदीप दुबे और डॉ. पियूष किसान और कृषि वैज्ञानिकों के सामने धान कुदरत 5 का क्रॉप कटिंग किया गया। धान कुदरत 5 का उत्पादन क्षमता 65 कुंतल/हेक्टेयर उत्पादन आया। जैविक और प्राकृतिक तरीके से यह दो प्रजाति भारत देश के किसानों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। धान कुदरत 1 दिव्या का क्रॉप कटिंग अभी बाद में होगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि कुदरत 1 का उत्पादन और भी ज्यादा आएगा। रणजीत सिंह रघुवंशी और सूर्य प्रकाश सिंह रघुवंशी जो प्रकाश सिंह के लड़के हैं।
आईआरआरआई एवं सीजीआईएआर के वैज्ञानिकों ने अंगवस्त्रम और धान की प्रजाति का प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किए। प्रकाश सिंह ने ऐसी प्रजाति को खोजा है जिससे किसानों को बंपर पैदावार मिले। काशी के मिट्टी के लाल श्री सिंह 66 साल के हो गए हैं और उनके आंख की रोशनी 80% जा चुकी है। बीमार चल रहे है अब श्री सिंह के दोनों पुत्र रणजीत सिंह और सूर्य प्रकाश सिंह रघुवंशी किसानों की आय दो गुना करने के लिए उन्नत बीज और जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित कर रहे हैं और प्रशिक्षण दे रहे हैं। लगभग जैविक खेती करने वाले 50 किसान आए थे। सभी किसानों को आईआरआरआई के वैज्ञानिकों के हाथ से गेहूं कुदरत 9,250 ग्राम का पैकेट सभी किसानों को फ्री में दिया गया परीक्षण और बीज उत्पादन के लिए और किसानों को जैविक तरीके से बीज लगाने का तरीका बताया गया।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।












