मंत्री से मिला किसान संघर्ष मोर्चा का प्रतिनिधिमण्डल
भूमि अधिग्रहण की विसंगतियों को दूर करने के लिये विधानसभा समिति गठित करने पर हुई चर्चा
राजीव कुमार पाण्डेय
मोहनियां। भारत माला परियोजना के तहत प्रस्तावित योजना वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस वे व एनएच 219 में जिले की जमीनों की अधिग्रहण की कार्रवाई से किसानों में असंतोष है। किसान संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष विमलेश पाण्डेय के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को बिहार सरकार के श्रम मंत्री सह स्थानीय एमएलसी संतोष कुमार सिंह से उनके पैतृक गांव बघिनी जाकर मिला और किसानों की समस्याओं के निराकरण की मांग की।
साथ ही लोकसभा चुनाव के पूर्व विधानसभा सत्र के दौरान मंत्री के द्वारा भूमि अधिग्रहण की विसंगतियों को दूर करने को लेकर पुरजोर तरीके से आवाज उठाने के लिए प्रतिनिधिमंडल द्वारा मंत्री का आभार जताया गया तथा अधिग्रहण की विसंगतियों को दूर करने को लेकर विधानसभा समिति गठित कर सर्किल रेट बढ़ाने की मांग पर चर्चा की। बता दें कि मंत्री द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान किसानों की समस्या को पटल पर रखने के बाद विधानसभा समिति गठित कर 3 महीने में रिपोर्ट पेश करने का प्रस्ताव पास हुआ था। 3 महीने के भीतर समिति का गठन नहीं होने के कारण किसानों को लग रहा है कि विधानसभा में पारित प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।जिसको लेकर किसान प्रतिनिधि मंडल ने मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। शालीनता से किसानों की बात सुन मंत्री संतोष कुमार ने किसान प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त कराते हुए कहा कि मुझे अपना वादा पूरी तरह से याद है जिसको मैं हर हाल में पूरा करूंगा। पटना जाते ही मेरे द्वारा समिति गठित करने के लिए आवश्यक पहल किया जायेगा। किसानों को उचित मुआवजा मिले बिना सड़क निर्माण संभव नहीं है। बताते चलें कि उक्त एक्सप्रेस वे निर्माण के लिए कैमूर जिला अंतर्गत 93 मौजा के 1700 एकड़ भूमि अधिग्रहण की गई है। भूमि अधिग्रहण में किसानों की बहु फसली भूमि के लिए भी बहुत कम मुआवजा तय किया गया है। मौके पर मौजूद किसान संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष विमलेश पाण्डेय ने बताया कि तय मुआवजा 2013 सर्किट रेट के आधार पर किसानों को दिया जा रहा है। यूपी में इसी एक्सप्रेसवे के लिए दोगुना से ज्यादा मुआवजा दिया जा रहा है। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल में किसान संघर्ष मोर्चा के महासचिव व पूर्व प्रमुख पशुपतिनाथ सिंह, सचिव अनिल सिंह, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, विक्की सिंह, अमित रंजन सिंह आदि शामिल रहे।
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