चित्तौरा में किसान उत्पादक संगठन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
अब्दुल शाहिद
बहराइच। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच प्रथम द्वारा केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. के.एम. सिंह के दिशा निर्देशन में ग्रामसभा जौहर, चितौरा में एकदिवसीय प्रशिक्षण “किसान उत्पादक संगठन का निर्माण एवं संवर्धन” पर संपन्न हुआ जिसमें डा.पी.के. सिंह, वैज्ञानिक होर्टि कल्चर ने बताया कि देश की 86 प्रतिशत जनसंख्या कृषि एवं कृषि व्यवसायों से जुड़ी हुई हैं। किसानों को उत्पादक के रूप में फसल उत्पादन उपरान्त भण्डारण, परिवहन, बिपड़न एवं अन्य अवस्थापना सुविधाओं के अभाव के कारण किसानों और उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समुचित लाभ नहीं मिला पाता है। जैसे भंडारण और संग्रहण क्षमता न होना, परिवहन की समस्या, बिचौलियों की अधिकता, प्रसंस्करण/मूल्य संवर्धन का अभाव आदि है। वही यदि किसान उत्पादक संगठन के द्वारा अपने उत्पाद को बेचते है तो उनको मुख्य रूप से जैसे कृषि निवेशों की उचित मूल्यों पर सुगमता से उपलब्धता, बिचौलियों से मुक्ति, अच्छे बाजार की उपलब्धता, कृषि जोखिमों का नवीनीकरण, कृषि उत्पादों उचित मूल्य पर विपणन आदि लाभ मिलते है। डा. अरुण राजभर ने बताया कि किसान उत्पादक संगठन बनाने के लिए सबसे पहले उत्पादक समूह बनाना चाहिए। ऐसे व्यक्तियों का समूह जो एक गतिविधि से जुड़े हो एवं एक समान उत्पाद का उत्पादन करते हो, उनकी मूल भूत अवश्यकताएं समान हो। समूह के सद्स्य एक साथ मिलकर उत्पादन बेचने का कार्य करते है। समूह के प्रमुख उद्देश्य जैसे नई तकनीकी प्राप्त कर बेहतर उत्पादन करना, लागत कम करना, कृषि कार्यों हेतु निवेशों जैसे खाद, बीज, कीटनाशक की उपलब्धता हेतु बाजार से जुड़ना, गुदवत्ता में वृद्धि, कारपोरेट के साथ बातचीत में आसानी, एकत्रीकरण, सामूहिक रूप से विक्रय कर सही मूल्य प्राप्त करना है। इस समूह में कम से कम 11 सद्स्य होने चाहिए। इसके बाद कंपनी एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अगर किसान एफपीओ बनाना चाहते है तो राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकाश बैंक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के कार्यालय, कृषि विभाग, एवं एफ पी ओ की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। व्यक्तियों के लिए जरूरी डैक्यूमेंट्स आवेदन करते समय आधार कार्ड, स्थाई प्रमाण पत्र, जमीनी दस्तावेज, बैंक खाता, पासपोर्ट साइज फोटो और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी होना जरूरी है। डा. राजभर ने बताया कि अभी तक जिले में 40 से अधिक एफपीओ का गठन हो चुका है जिसमें शिवा एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, नारायणी नवीन फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, महाराजा सुहेलदेव किसान उत्पादक कम्पनी लिमिटेड आदि है। एक दिवसीय प्रशिक्षण में जौहर ग्रामसभा के किसान राम गोपाल, राणा चेतन सिंह, प्रदीप कुमार, ओम प्रकाश राव, दीपक राणा, बाबू राव, अजय राव, अशोक कुमार, जगत राम यादव, विनोद कुमार, मजनू लाल राव थे।

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