सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का अवहेलना कर रहे पटना के एमआर अस्पताल
पैसे के लिये मृत घोषित व्यक्ति का शव रखना कानूनन गलत: पूर्व विधायक
अमरेन्द्र मिश्र
आरा। भोजपुर जिला अंतर्गत पिरो प्रखंड के केशवा गांव के राजकेश्वर पासवान को पिछले दिन इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। वहीं किसी के कहने पर बहकावे मे आकर परिवार के लोगों ने उन्हें पीएमसीएच से एमआर अस्पताल पटना में भर्ती करवा दिया। पूर्व विधायक जगदीशपुर भाई दिनेश ने कहा कि आज परिसिया निवासी हरे राम प्रसाद ने फोन से सूचना दिया की हम लोगो के रिश्तेदार को एमआर अस्पताल ने मरने के बाद शव को और परिजन को बंधक बना लिया है। भाई दिनेश ने कहा की इस तरह की घटना सुनकर मन बहुत दुखित हुआ। अस्पताल प्रबंधक को जल्द शव और परिजन को छोड़ने के लिए बोले। वहीं उन्होंने सचिव स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार को पटना में जितने निजी अस्पताल है जो आम आदमी का इलाज के नाम पर आर्थिक शोषण कर रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का उलंघन कर रहा है। उसका जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग किया। उन्होंने कहा कि आरा, पटना सहित प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालय, प्रमंडल मुख्यालय पर स्थित निजी नर्सिंग होम द्वारा गांव, गरीब, किसान के घर से आए गरीब, लाचार, बेसहारा मरीज को प्रतिदिन तंग तबाह किया जाता है। अनावश्यक खर्च करवाया जाता है, अनावश्यक दावा लिखा जाता है। केवल पैसा के लिए अनावश्यक जांच करवाया जाता है केवल कमीशन के लिए। इस तरह की सोच पूरी मानवता को शर्म सार करता है। इस तरह की घटना से प्रदेश का भी नाम बदनाम होता है। सरकार को निजी अस्पताल पर अंकुश लगाना चाहिए।

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