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Jaunpur News: प्रेम विवाह का दुखद अन्त, एक साथ दम तोड़ गये पति-पत्नी

  • प्रेम विवाह का दुखद अन्त, एक साथ दम तोड़ गये पति-पत्नी

  • मनेछा गांव में पसरा मातम, मां की चीख-पुकार से दहला घर

  • प्रेम के लिये परिवार से बगावत कर रचायी थी शादी

तेजस टूडे सं.
राकेश शर्मा
खेतासराय, जौनपुर। जिस प्रेम के लिए परिवार की नाराजगी और सामाजिक विरोध की परवाह किए बगैर दो दिल एक हुए थे, उसी दंपत्ति की जिंदगी का बुधवार की शाम दर्दनाक अंत हो गया। क्षेत्र के मनेछा गांव में 22 वर्षीय उपदेश गौतम और उसकी 21 वर्षीय पत्नी पूजा के शव घर के कमरे में एक ही दुपट्टे के सहारे लटकते मिले। इस हृदयविदारक घटना की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। घर में चीख-पुकार गूंज उठी और परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा।

सजावट के काम के दौरान हुई थी मुलाकात, फिर परवान चढ़ा इश्क
उपदेश शादी-विवाह में सजावट का काम करता था। करीब डेढ़ वर्ष पहले वह खुटहन थाना क्षेत्र के बद्दोपुर गांव में एक शादी समारोह में सजावट करने गया था। बताया जाता है कि वहीं उसकी मुलाकात पूजा बिंद से हुई। पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे मोहब्बत परवान चढ़ने लगी। दोनों ने साथ जीने-मरने के सपने संजो लिए, लेकिन अंतरजातीय संबंध होने के कारण परिवार की ओर से विरोध का सामना करना पड़ा। परिवार की नाराजगी और सामाजिक बंदिशों के बावजूद दोनों ने घर छोड़कर शादी कर ली। पूजा के परिजनों की ओर से पुलिस में शिकायत भी की गई थी लेकिन दोनों के बालिग होने के कारण मामला समाप्त हो गया। इसके बाद दोनों साथ रहने लगे।

मूर्ति विसर्जन में शामिल हुये, फिर घर में पसरा मातम
बुधवार को दोनों मूर्ति विसर्जन में भी शामिल हुए थे। शाम करीब छह बजे उपदेश घर लौटा। स्नान करने के बाद वह भोजन बनाने में जुट गया। घर में उसकी विधवा मां सीता देवी भी रहती थीं। मां के मुताबिक दोनों पति-पत्नी अक्सर देर रात तक कमरे के बाहर रहते थे। बुधवार की शाम जब साढ़े सात बजे तक दोनों कमरे से बाहर नहीं निकले तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने खिड़की से भीतर झांककर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कमरे में उपदेश और पूजा एक ही दुपट्टे के सहारे टीनशेड में लगी पाइप से लटके हुए थे। मां की चीख-पुकार सुनकर बगल में रहने वाली उपदेश की भाभी आशा देवी मौके पर पहुंचीं। शोर सुनकर ग्रामीण भी जुट गये। आनन-फानन में दोनों को नीचे उतारकर इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की गई लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

तीन भाइयों एवं दो बहनों में सबसे छोटा था उपदेश
उपदेश तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई अवधेश रोजी-रोटी के सिलसिले में सोनीपत में रहता है जबकि उससे छोटा भाई मुकेश दिव्यांग है और पानीपत में रहकर गुजर-बसर करता है। दोनों बहनों रीना और लक्ष्मीना की शादी हो चुकी है और वे अपनी-अपनी ससुराल में रहती हैं। घर पर उपदेश अपनी मां सीता देवी के साथ रहता था जबकि भाभी आशा देवी अलग रहती थीं। एक ही छत के नीचे जिंदगी के सपने बुनने वाले युवा दंपती की एक साथ मौत से गांव में मातम पसरा है। जिस घर में कभी नई जिंदगी की उम्मीदें थीं, वहां अब अपनों को खोने का गम और अनगिनत सवाल बाकी रह गए हैं।

 

 

 

 

 

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