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Jaunpur News: जमीनी विवाद में बुझ गया घर का चिराग, अकरम हत्याकाण्ड में दो सगे भाइयों समेत 3 गिरफ्तार

  • जमीनी विवाद में बुझ गया घर का चिराग, अकरम हत्याकाण्ड में दो सगे भाइयों समेत 3 गिरफ्तार

  • रानीमऊ हत्याकाण्ड में पुलिस ने की बड़ी कार्यवाही

  • महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

  • दो बाल अपचारी भी अभिरक्षा में

तेजस टूडे सं.
राकेश शर्मा
खेतासराय, जौनपुर। जमीन का एक टुकड़ा, जिसे लेकर कभी आपसी रिश्तों में कड़वाहट पैदा हुई, आखिरकार वही विवाद एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। रानीमऊ गांव में जमीन के विवाद को लेकर हुई मारपीट में मोहम्मद अकरम की मौत ने न सिर्फ एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। जिस घर में कभी अपनों की आवाज गूंजती थी, वहां अब मातम पसरा है। पति को खो चुकी नरगिस के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस हत्याकांड में पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों और एक महिला समेत तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं घटना में नामजद दो बाल अपचारियों को भी अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने एक आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लाठी भी बरामद की है।
जानकारी के अनुसार खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ गांव में बीते 20 अक्टूबर को जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। इस घटना में मोहम्मद अकरम की मौत हो गई। अकरम की मौत की खबर सामने आते ही गांव में सनसनी फैल गई। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश और तनाव का माहौल बन गया। जमीन के विवाद में गई एक जान ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिये।
अकरम की मौत के बाद उनकी पत्नी नरगिस ने 21 अक्टूबर को खेतासराय थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। पति को हमेशा के लिए खो देने का दर्द और न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस की चौखट तक पहुंची नरगिस की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू किया।
थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बताया कि गुरुवार की सुबह करीब 9:15 बजे पुलिस टीम ने खुटहन थाना क्षेत्र के सेठुआपारा गांव में आरोपियों के घर दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने फरहान और रेहान पुत्रगण मोहम्मद वहाजुद्दीन तथा हुस्नआरा पत्नी मोहम्मद वहाजुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। इसके अतिरिक्त घटना में नामजद दो बाल अपचारियों को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी फरहान की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक लाठी बरामद की गई है। बरामदगी को विवेचना की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
रानीमऊ की यह घटना एक बार फिर जमीन के विवादों के भयावह परिणामों की ओर ध्यान खींचती है। जिस जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद था, उसी विवाद में एक व्यक्ति की जान चली गई। अब एक ओर अकरम का परिवार अपनों को खोने के गम से जूझ रहा है तो दूसरी ओर आरोपियों के खिलाफ कानून का शिकंजा कस गया है।
जमीन-जायदाद को लेकर पैदा होने वाली रंजिश जब हिंसा का रूप ले लेती है तो उसका खामियाजा केवल विवाद में शामिल लोगों को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। अकरम की मौत ने भी यही कड़वी सच्चाई सामने रखी है। इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जमीन के विवाद की कीमत किसी इंसान की जिंदगी क्यों बने?
अकरम की मौत के बाद उनकी पत्नी नरगिस के सामने जिंदगी की कठिन चुनौती खड़ी हो गई है। जिस जीवनसाथी के साथ भविष्य के सपने संजोए होंगे, उसका इस तरह अचानक साथ छूट जाना किसी गहरे सदमे से कम नहीं है। पति की मौत के अगले ही दिन नरगिस ने पुलिस को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई।
इस हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई जरूर है लेकिन पीड़ित परिवार के लिए न्याय की लड़ाई अभी बाकी है। अब विवेचना, साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से आरोपों की सत्यता तय होगी। पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद इसी प्रक्रिया पर टिकी है। थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय भेज दिया गया है। वहीं अभिरक्षा में लिए गए दोनों बाल अपचारियों के संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का इस मुकदमे के अतिरिक्त कोई अन्य आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। मामले की विवेचना जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह, उपनिरीक्षक शैलेंद्र राय, हेड कांस्टेबल राजकुमार यादव, अंबिका यादव, कांस्टेबल आशुतोष तिवारी, गौरव तोमर, महिला कांस्टेबल प्रियंका प्रजापति और प्रियंका गुप्ता शामिल रहीं।

 

 

 

 

 

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