समाज की वास्तविकताओं व मानवीय संवेदनाओं को शब्द देना पुस्तक का उद्देश्य: शक्तिमान
‘कागज के मानुष’ पुस्तक का चेयरमैन प्रतिनिधि ने किया विमोचन

तेजस टूडे सं.
विनोद कुमार
केराकत, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के बाबा घाट (नालापार) निवासी युवा लेखक शक्तिमान मिश्रा के दूसरी पुस्तक ‘काग़ज़ के मानुष’ का विमोचन गुरुवार को नगर पंचायत प्रतिनिधि कृष्णा जायसवाल ने किया। विमोचन के साथ ही यह पुस्तक आज से ऐमजॉन, फ्लिपकार्ट व किंडल सहित प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। पुस्तक में पैसा, धर्म, मोक्ष, नशा, आरक्षण, गरीबी, भूख, बेरोजगारी, अधूरा प्रेम, माता-पिता, परिवार, सामाजिक विसंगतियों जैसे विषयों को उठाया गया है। लेखक का उद्देश्य समाज की वास्तविकताओं और मानवीय संवेदनाओं को शब्द देना तथा पाठकों को रिश्तों, सामाजिक मूल्यों और जीवन की सच्चाइयों पर आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही लेखक का प्रयास है कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम न होकर सामाजिक चेतना और सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा भी बने। बता दें कि शक्तिमान मिश्रा पेशे से बैंकर और रुचि से लेखक एवं कलाकार हैं। उनकी पहली पुस्तक ‘अनहद — जो कभी ना टूटा’ इसी वर्ष मार्च में प्रकाशित हुई थी। केराकत की धरती से जुड़े लेखक की यह कृति समकालीन समाज और मानवीय जीवन के विविध पहलुओं को पाठकों के सामने प्रस्तुत करती है।









