पुण्यतिथि पर याद किये गये बाला साहेब ठाकरे
गोविन्द वर्मा
बाराबंकी। शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की 11वीं पुण्यतिथि पर शिव सैनिकों ने पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें आदरंजलि दी और उनके सिद्धांतो पर चलते हुए राष्ट्र हित और हिंदू हित में कार्य करने का संकल्प लिया। पार्टी के जिला प्रमुख मनोज विद्रोही ने अपने सम्बोधन में कहा कि बाल ठाकरे ने कार्टूनिस्ट के तौर पर कैरियर की शुरुआत की थी। वो अपने बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहे। उन्होंने शिवसेना नाम की पार्टी बनाई, जो महाराष्ट्र की सियासत में कामयाबी के शिखर तक पहुंची।शिवसेना कई बार प्रदेश में सरकार शामिल रही जबकि बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री भी बने।एक बार बाल ठाकरे को धर्म के नाम पर वोट मांगने पर वोट डालने के अधिकार से वंचित भी कर दिया गया था। बाला साहेब ठाकरे को एक पहचान में कैद नहीं रखा जा सकता।उन्होंने सबसे पहले कार्टूनिस्ट के तौर पर पहचान बनाई. लेकिन जल्द ही उनकी ये पहचान फीकी पड़ गई और वो मराठी मानुष के हितैषी के तौर पर फेमस हो गए। बाला साहेब ठाकरे इस पहचान में भी कैद नहीं रह सके और कट्टर हिंदू का लिबास पहना तथा हिंदू हृदय सम्राट के तौर पर पहचाने जाने लगे। उन्होंने शिवसेना नाम से सियासी पार्टी बनाई और महाराष्ट्र की सत्ता पर काबिज हुए। बाला साहेब ठाकरे की एक आवाज पर मुंबई की रफ्तार थम जाती थी। इस अवसर पर जिला प्रधान महासचिव पंडित संजय शर्मा, वरिष्ठ जिला उप प्रमुख कमलेश सिंह चौहान, दीपू वाल्मीकि, कौशल शुक्ला, हेमेंद्र सोनी, प्रवीन वर्मा, मनोज सिंह मिंटू कमलेश राजपूत, रमेश शिल्पकार, राम सिंह, आनन्द मिश्र, पुरुषोत्तम मिश्र आदि मौजूद रहे।

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