ई-कुबेर पोर्टल के बिल स्वीकार न करने पर कई विभागों के लैप्स हो गये 4 करोड़ रुपये
गुप्तारघाट बंधा निर्माण की धनराशि भी शामिल
सिंचाई विभाग की सिल्ट सफाई की धनराशि भी लैप्स
राजेश श्रीवास्तव
अयोध्या। बीते 31 मार्च की रात में बिल स्वीकार न करने पर रिजर्व बैंक के ई-कुबेर पोर्टल के कई विभागों के लगभग चार करोड़ रुपये लैप्स हो गए। इनमें 1 करोड़ 56 लाख की राशि गुप्तारघाट पर बंधा निर्माण की है।

कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) की यह धनराशि सरयू नहर खंड को 31 मार्च को रात 11 बजे शासन ने अवमुक्त की थी। रात में ही विभाग ने इसका बिल लगाया। कोषागार ने पास भी कर दिया। ई-कुबेर पोर्टल के इसे स्वीकार न करने से वह लैप्स हो गई। माना जा रहा है कि इससे विभागीय परियोजनाओं के कार्य प्रभावित होंगे। करीब 60 लाख रुपये सिंचाई खंड के हैं। इसकी भी सीसीएल वित्तीय माह के अंतिम दिन 31 मार्च को जारी हुई। ई-कुबेर पोर्टल के स्वीकार न करने पर यह धनराशि भी लैप्स हो गई। यह सिल्ट सफाई व विभिन्न परियोजनाओं की है।
नलकूप खंड भी इससे अछूता नहीं। करीब 20 लाख रुपये उसके भी विभिन्न मदों के लैप्स हो गए। पशुपालन विभाग के लगभग 8 लाख रुपये भी लैप्स हुए। यह धनराशि जेम पोर्टल से खरीदे गए सामान के भुगतान मद की है। भुगतान के लिए फर्म का दबाव बढ़ने से विभाग परेशान है। धनराशि लैप्स होने वाले विभागों में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, पीडब्ल्यूडी के नाम भी शामिल हैं। लैप्स धनराशि ज्यादातर विभागों को उसी दिन जारी हुई है।
कुछ विभागों की धनराशि विलंब से बिल लगाने की वजह से लैप्स हुई। मुख्य कोषाधिकारी अनुराग गुप्त के अनुसार लैप्स होने वाली धनराशि का बिल कोषागार ने पोर्टल पर पास किया लेकिन आरबीआई के पोर्टल ने नहीं स्वीकार किया जिससे वह लैप्स हो गई। संबंधित विभाग को अब नए सिरे से उसे जारी कराना होगा। उनके अनुसार अकेले अयोध्या ही नहीं, अन्य कई जिले भी धनराशि लैप्स हो जाने से प्रभावित हैं।
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