टोलकर्मियों की मनमानी के आगे वाहन संचालक बेबस
मनोज कुमार
रजौली, नवादा (बिहार)। प्रखण्ड मुख्यालय क्षेत्र के करिगांव स्थित टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से की जा रही अवैध वसूली टोल कर्मियों की मनमानी के आगे बेबस हैं।वाहन संचालक को धर्म कांटा पर तौल होती नहीं ओवरलोडिग बता करते हैं। वसूली टोल प्लाजा पर यातायात को सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए बने हाईवे पर सुविधाओं के नाम पर टोल टैक्स लिया जाता है। लेकिन कर्मचारी रात के अंधेरे में अवैध वसूली कर रहे हैं।टोल कर्मियों के मनमानी के आगे बेबस हैं। वाहन संचालक को इनके वाहनों पर फास्टैग लगे होने के बावजूद जबरन नकदी वसूली जा रही है। कर्मियों के मनमानी से टोल कंपनी को लाखों का चूना लग रहा है।नकद भुगतान का विरोध करने पर चालकों से अभद्रता कर टोलकर्मी मारपीट पर भी आमादा हो जाते हैं। रात में जब करीगांव टोल प्लाजा का जायजा लिया गया तो वाहन चालकों का दर्द छलक कर सामने आया। हाईवे पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आने-जाने के लिए अलग-अलग लेन है। दोनों लेन के बीच कहीं अन्य वाहन न घुस सकें। इसके लिए बीच सड़क पर डिवाइडर का निर्माण कराया जाता है।सड़क क्रास करने के लिए डिवाइडरों के बीच में रास्ता दिया गया है। इन्हीं सुविधाओं के एवज में राष्ट्रीय राज्य मार्ग प्राधिकरण वाहनों से टोल टैक्स ले रहा है। लेकिन टोल कर्मियों अवैध वसूली कर रहे हैं। तेल टैंकर चालक गुड़ु खान ने बताया कि उनके वाहन पर फास्टैग लगा हुआ है। बावजूद इसके जबरन उनसे नकद पैसे लिए गए। विरोध करने पर परेशान किया जाता है। चालक ने बताया कि सादे कपड़े में मौजूद रहने वाले टोलकर्मियों ने उनसे जबरन नकद भुगतान लिया।लेकिन रसीद मांगने के बाद भी नहीं दी। तकरीबन एक घंटे तक टोल प्लाजा पर मौजूद रहने के दौरान टोल कर्मियों के मनमाने रवैये से चालकों को परेशान होते देखना आम बात रही। ट्रक मालिक राकेश कुमार ने बताया कि रात भर टोल प्लाजा पर अवैध वसूली की जाती है।यहां के वाहन संचालक टोल कर्मियों की मनमानी के आगे बेबस है। धर्म कांटें पर तौल होती नहीं और ओवरलोडिग बता ट्रकों से वसूली करते हैं। जिसकी न तो कोई पर्ची दी जाती है और न ही परिवहन विभाग के कोई पदाधिकारी कोई होते हैं। वहीं ट्रकों के चालक कहते हैं कि समेकित जांच चौकी पर वाहनों की जांच कराकर बिहार की सीमा में प्रवेश करते हैं। लेकिन जांच चौकी से करीब सात से आठ किलोमीटर सफर करते हीं करीगांव स्थित टोल प्लाजा वाले खून चूसने लगते हैं। प्रत्येक ट्रकों से एक हजार से पंद्रह सौ रुपये वसूली करते हैं। जिससे एक रात में लाखों रुपये की उगाई इनके द्वारा होती है नाजायज तरीके से और विरोध करने पर मारपीट की जाती है।
क्या कहते हैं अधिकारी
टोल प्लाजा इंचार्ज विनोद सिंह ने कहा कि टोल प्लाजा पर सर्कुलर के अनुरूप राशि ली जाती है। जो ट्रक ओभर लोड होते हैं वह सिस्टम में दिखा देता है। जिसके बाद उससे राशि ली जाती है। छोटी गाड़ियों का फास्ट ट्रैक लगाकर टोल पार करने वाले बड़े गाड़ियों का पता सिस्टम में चल जाता जाता है।जिसके कारण उनसे पैसे लिए जाते हैं। कोई नाजायज वसूली नहीं होती है।

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