सप्लाई इंस्पेक्टर सैदपुर ने चार्ज सम्भालते ही शुरू किया वसूली का काम
कोटेदार प्रतिनिधि ने लगाया आरोप
उग्रसेन सिंह
गाजीपुर। सैदपुर उचौरी ग्राम सभा में कोटेदार ने खोल दी पोल वही सावन का महीना, रोजगार का संकट। ऊपर से ये बेतहाशा महंगाई गरीबों के लिए किसी अकाल से कम नहीं है। ग़ाज़ीपुर के उचोरी ग्राम सभा मे कोटेदार शाहनाज बेगम जो समूह के अध्यक्ष और उसके पति बकरीदन कोटेदार बताते हैं कि अपने आपको और उसने खोल दी विभाग के पोल। देना पड़ता है विभाग में 35 रु प्रति कुंतल कमीशन जिसके कारण करनी पड़ती है कटौती।

सप्लाई इंस्पेक्टर सैदपुर श्याम मोहन सिंह से बात हुई तो उनके भी जुबान लड़खड़ाते नजर आये। इससे यह जाहिर होता है कि विभाग का भी कमीशन तय होता है। वहीं सावन महीने में सब्जी और दाल तमाम परिवारों की पहुंच से दूर होती जा रही है। सरकार की ओर से हर माह मिलने वाला राशन ही मेहनतकश मजदूरों के लिए पेट पालने का सहारा है लेकिन इस पर भी अब सिस्टम से जुड़े लोगों की नजर गड़ गई है। कोटेदार प्रति कार्डधारकों से डेढ से दो किलो हर माह राशन की कटौती कर रहे हैं। ऐसा नहीं कि इसका फायदा सिर्फ कोटेदारों को हो रहा है, इसमें कई ऊपर तक के अधिकारी शामिल हैं।
एमओ से लेकर जिलापूर्ति अधिकारी तक राशन की घटतौली में साझेदार हैं। यह बात दबी जुबान कोटेदार स्वीकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि गोदाम से ही प्रति बोरी दो से तीन किलो राशन की कटौती कर ली जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को कम राशन देना हमारी मजबूरी है। हर माह डीलर काट लेता है। सरकार की लाख कोशिश के बाद भी जन वितरण प्रणाली के विक्रेता लाभुकों को सही मात्रा में अनाज का वितरण नहीं कर रहें हैं। बताया गया कि जब से राशन कार्ड बना है तब से डीलर सभी कार्डधारी को डेढ़ से दो किलो अनाज कम देते हैं। अंत्योदय कार्डधारी उसके राशन में डेढ़ से दो किलो की कटौती प्रत्येक माह की जाती है। जांच में आए अधिकारियों से भी इसकी शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीलर जितना राशन देते हैं, चुपचाप लेना पड़ता है।
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