राम वनगमन की झांकी देख भावुक हुये दर्शक
गीत-संगीत ने बांधा समां, समेदा मेला महोत्सव में दशरथ-राम वियोग के मंचन ने किया मंत्र—मुग्ध
तेजस टूडे ब्यूरो
देवी प्रसाद शर्मा
आजमगढ़। सठियांव विकास खंड के समेदा गांव में शुक्रवार को आयोजित मेला महोत्सव में राम वनगमन की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। वाराणसी और अयोध्या से आए कलाकारों ने भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनगमन तथा राजा दशरथ और श्रीराम के वियोग का मार्मिक मंचन किया। भावपूर्ण प्रस्तुति देखकर दर्शक मंत्र—मुग्ध हो उठे। पिता-पुत्र के बिछोह का दृश्य देख कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
पंचायत भवन के विशाल मैदान में आयोजित मेले का शुभारंभ महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने निःशुल्क नेत्र शिविर का भी उद्घाटन किया। राम वनगमन के प्रसंगों के माध्यम से कलाकारों ने त्याग, मर्यादा और वचनपालन का संदेश दिया। ‘रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई’ के आदर्श को मंच पर साकार होते देख दर्शक भावविभोर हो गए। समेदा सहित आस—पास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंचे। दिन से शुरू हुआ आयोजन देर रात तक चला।
महोत्सव में मनन पांडेय की टीम की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। गायक उमेश दास, प्रज्ञा मिश्रा, दुर्गेश सिंह, तुषार सिंह, रवि पांडेय सहित अन्य कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह लिया। गीत-संगीत की प्रस्तुतियों ने देर रात तक समां बांधे रखा। महोत्सव का समापन पूर्व सांसद अतुल राय के संबोधन के साथ हुआ। आयोजक शशि प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना ने अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रोबेशन अधिकारी सुबोध सिंह, समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह, देवनाथ सिंह, आशीष सिंह, प्रदीप मद्धेशिया, संतोष सिंह, अब्दुल्लाह शेख, नोमान शेख, भूपेंद्र पांडेय, बदरे आलम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।













