HomeAyodhyaबम भोले के जयकारे से गुंजायमान हुई श्रीराम नगरी अयोध्या

बम भोले के जयकारे से गुंजायमान हुई श्रीराम नगरी अयोध्या

बम भोले के जयकारे से गुंजायमान हुई श्रीराम नगरी अयोध्या

नागेश्वरनाथ, लवकुश मन्दिर सहित अयोध्या के सभी शिवालयों में श्रद्धालुओं का लगा तांता
तेजस टूडे ब्यूरो
राजेश श्रीवास्तव
अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में गुंजा हर हर बम बम ओम नमः शिवाय का जयकारा। सावन के पहले सोमवार पर शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भोर में ही मां सरयू में स्नान करने के बाद सरयू के तट पर स्थित नागेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी लंबी लाइन लग गई और बड़े ही हर्षोल्लास के साथ लोग भोले बाबा के दर्शन के लिए उतावले थे। पूरा वातावरण भोले में हो गया था और लोग हाथों में जल लेकर ओम नमः शिवाय का जाप और हर हर बम बम के जयकारे लगा रहे थे। प्रशासन ने सावन के पहले सोमवार को देखते हुए सभी शिवालयों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उचित व्यवस्था के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हुए थे।
अयोध्या के साथ आस—पास के लोग पहले सोमवार को भोर में ही अयोध्या पहुंचने लगे सुबह से ही राम नगरी भगवान शिव के जयकारे से गुंजायमान होने लगी और मां सरयू में स्नान करके श्रद्धालु भक्तगण सरयू तट पर स्थित भोले बाबा की दरबार में पहुंचे और दूर से ही सही लेकिन अपने आराध्य का जलाभिषेक किए। नागेश्वरनाथ के साथ बाबा भोले के भक्तगण अयोध्या के अन्य शिव मंदिरों में भी भगवान शिव का जलाभिषेक की हनुमानगढ़ी कनक भवन और श्री रामलला का दर्शन कर पुण्य अर्जित किये। सावन माह प्रारंभ के साथ पहला सोमवार शिवभक्तों के लिए बड़ा पर्व माना जाता है और बड़ी संख्या में भक्त भगवान भोले नाथ का अपने श्रद्धा से जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक सहित अन्य विधि विधान के साथ कर रहे हैं। वहीं राम नगरी अयोध्या में दो प्रमुख स्थान है। भगवान नागेश्वरनाथ व क्षीरेश्वर नाथ महादेव के प्राचीन मंदिर है जहां सावन के प्रारंभ पर लाखों कावड़िया सरयू में जल भरने अयोध्या पहुंचते हैं।
श्रीराम जन्मभूमि के परकोटे रामकोट मोहल्ले में स्थित लव कुश मंदिर में श्रावण मास के पहले सोमवार को भगवान शिव का भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान शिव को फूल माला और बेले की लड़ी से सजाया गया। सके उपरांत गौ माता के दूध सरयू जल पंचामृत वैदिक विद्वानों द्वारा भगवान शिव का महाभिषेक हुआ जिसमें दर्जनों भक्तों ने भगवान शिव का अभिषेक किया। इसके उपरांत आरती पूजन और प्रसाद वितरण का भी कार्यक्रम किया गया। लव-कुश मंदिर के महंत रामकेवल दास जी महाराज ने बताया कि लवकुश मंदिर में भगवान शिव अनंत काल से विराजमान हैं वैसे तो प्रतिदिन भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है लेकिन श्रावण मास के सोमवार को विशेष अभिषेक और पूजन का आयोजन होता है। इसमें भगवान शिव में श्रद्धा रखने वाले सैकड़ों भक्त आते हैं और भगवान का अभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त करते है।
उत्तराधिकारी महंत रामदास ने बताया कि प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में मंदिर में विराजमान भूत भवन भोले बाबा का अभिषेक वैदिक विधि विधान के अनुसार किया जाता है। इस वर्ष भी सावन के पहले सोमवार को अभिषेक हुआ श्रृंगार हुआ जिसको देखकर भक्त भाव—विभोर हो गये।

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