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Jaunpur News: आपरेशन से बेहतर सामान्य की जा रही डिलीवरी

  • आपरेशन से बेहतर सामान्य की जा रही डिलीवरी

  • प्रतिदिन दो सौ से अधिक पहुंच रहीं महिला मरीज

  • डाक्टर मरीजों को दे रहे हर तरह की सुविधा

तेजस टूडे सं.
सुनील शर्मा
जौनपुर। जिला महिला अस्पताल प्रशासन सामान्य और गर्भवती महिलाओं को हर तरह की सुविधा देने को तत्पर है जिसका जीता जागता उदाहरण है कि पिछले 5 दिनों में सामान्य डिलीवरी डाक्टरों ने किया। अस्पताल में हर रोज दो सौ से अधिक महिला अपनी समस्या लेकर पहुंच रहीं हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अरविन्द राजभर अकेले सौ के तकरीबन महिला मरीजों को देख कर सलाह देते हुए दवाएं लिखते हैं। शनिवार को पड़ताल के दौरान संवाददाता ने देखा कि अस्पताल में आने वाली हर महिला मरीजों से पूरी जानकारी लेने के बाद ही दवा और सलाह देते दिखे।
जानकारी के अनुसार पर्ची काउण्टर से लेकर ओपीडी तक मरीजों की सुरक्षा के लिये गार्ड भी दिशा निर्देश देते रहे। ऐसे मरीजों को जो दूर दराज से आकर डाक्टर को दिखाने के लिये भटक रही थीं लेकिन अस्पताल परिसर प्राइवेट वाहनों का बेतरतीब खड़ा होना सवालिया निशान पैदा कर रहा है। ऐसे में एमरजेंसी केस अगर सरकारी एम्बुलेंस से प्रसूता को लेकर आये तो हूटर लगातार बजता रहता है। दूसरी तरफ नई बिल्डिंग की तरफ दो वाहनों की लाइन लगी रहती है। इन सब व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए अस्पताल प्रशासन को अलग से गार्ड मिला है लेकिन वह अंदर की व्यवस्था देखते रहते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल परिसर में जाम की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए एक गार्ड कुर्सी पर ही बैठा रहता है। यही बेज़ुबान जानवर भी परिसर में विचरण करते करते चले आ जाते हैं जो कभी भी किसी के साथ हादसा हो सकता है। बताते चलें कि अस्पताल प्रशासन का भी सख्त निर्देश है कि परिसर में किसी भी हालत में प्राइवेट वाहन या प्राइवेट एम्वुलेंस का प्रवेश वर्जित है। बावजूद इसके इस तरह का वाहन खड़ा ही नजर आता है। इसके पीछे क्या कारण है यह अस्पताल प्रशासन ही जानें। रही बात अस्पताल में डिलीवरी की तो इधर एक सप्ताह में जीतनी भी डिलीवरी हुई उसमें सामान्य अधिक है जो आंकड़े बताते हैं।

जिला महिला अस्पताल में जो भी गर्भवती महिलाएं आती हैं, उनका चेकअप किया जाता है। डिलीवरी का समय होने पर तिमारदार को भर्ती करने की सलाह दी जाती है। सबसे अधिक प्रयास रहता है कि नार्मल डिलीवरी किया जाए और ऐसा हो भी रहा है।’ ——डा. अरविन्द राजभर स्त्री रोग विशेषज्ञ

 

 

 

 

 

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