विधिक दिवस के उपलक्ष्य में विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर आयोजित
तेजस टूडे ब्यूरो
शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील शशि की अध्यक्षता में विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन गुलाबी देवी बालिका विद्यालय हरईपुर एवं प्राथमिक विद्यालय लाइन बाजार सहित दो अन्य विद्यालयों में सचिव पूर्णकालिक सुशील सिंह की देख—रेख में किया गया। इस मौके पर डा. दिलीप सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल, देवेंद्र यादव पैनल अधिवक्ता, मृदुल यादव एडवोकेट, पैरा लीगल वालंटियर प्रधानाचार्य डा. उदयराज सिंह शिक्षक और शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सेमिनार के अध्यक्षता करते हुये संविधान के बारे में बोलते हुए डॉ. दिलीप सिंह ने भारतीय संविधान के निर्माण उसमें योगदान देने वाले प्रमुख लोगों डॉ. बीएन राव, डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ राजेंद्र प्रसाद, जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल के बारे में बताया। साथ ही कहा कि उद्देशिका भारतीय संविधान की कुंजी है और मूल अधिकार संविधान की आत्मा है। भारत का कोई भी व्यक्ति जन्म से मृत्यु तक अनुच्छेद 14 से लेकर अनुच्छेद 30 तक मूल अधिकारों का उपभोग करने का पात्र है जिसका उल्लंघन करने पर उसके पास बंदी प्रत्यक्षीकरण प्रतिषेध परमादेश अधिकार परीक्षा जैसे अधिकार अनुच्छेद 32 और 226 के अंतर्गत प्राप्त हैं। संविधान की आत्मा मूल अधिकार हैं। भारतीय संविधान का निर्माण 2 वर्ष 11 मार्च 18 दिन में हुआ था और 26 नवंबर को संविधान दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। अंतिम व्यक्ति और हर पीड़ित प्रताड़ित व्यक्ति तक न्याय पहुंचना चाहिए यह संविधान का मूल उद्देश्य है।
देवेंद्र यादव एवं मृदुल यादव ने नीति निर्देशक तत्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पीड़ित और वंचित लोगों को दी जाने वाली सहायता और संविधान के अन्य अनुच्छेदों को सरल भाषा में समझाया। साथ ही संविधान दिवस के महत्व के बारे में बताते हुए इस पर हो रही तैयारी के बारे में भी बताते हुये कहा कि संविधान देश के सर्वोच्च नियम है जिनके अनुसार सारे तंत्र कार्य करते हैं। सेमिनार का संचालन देवेंद्र यादव ने किया।











