Jaunpur News : आजादी के इतने वर्ष बीतने के बाद भी कुरनीवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित
गांव के उत्तर व दक्षिण में बने चकरोड केवल कुछेक परिवार के लिये बने हैं
मड़ियाहूं, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुरनी के लोग आजादी के इतने साल बीत जाने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से आज भी वंचित हैं। भारत व राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणांचलों के लोगों को लाभान्वित करने के अनेकों सुविधा मुहैया हेतु योजनाएं बनायी गयी हैं परंतु आज भी (तिवारीपुरवा) कुरनी के लोगों को अपने घर तक आने-जाने का कोई भी चकमार्ग, खड़ंजा अथवा चकरोड नहीं है।
आज भी लोग खेतों के मेड़ से आते-जाते हैं जबकि उस गांव के उत्तरी एवं दक्षिणी तरफ से दो चकरोड मय खड़ंजा बनाये गये हैं जो व्यक्ति विशेष के लिये हैं। ऐसा देखने से प्रदर्शित होता है, क्योंकि दक्षिणी छोर से बना चकरोड एक परिवार के सामने आकर खत्म हो जाता है। वहीं उत्तरी छोर से बना चकरोड भी एक परिवार के घर पर आकर रुक जाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह सरकार की नीतियों के विरुद्ध जो कार्य किया गया है और जिसमें सरकार के राजस्व की कितनी बड़ी हानि हुई है, यह जांच का विषय है। पूर्व प्रधान द्वारा चकरोड निर्माण कराया गया जो एक व्यक्ति के लिये है तो निवर्तमान प्रधान द्वारा उत्तरी छोर से चकरोड भी व्यक्ति विशेष के लिए कराया गया जबकि उस गांव में लगभग 60 से 70 परिवार रहते हैं जिनको सड़क तक पहुंचने के लिए बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को भी उसी खेतों की मेड़ों पर से चलना पड़ता है।
वर्तमान प्रधान एवं लेखपाल द्वारा जो भी कार्य हुआ, वह व्यक्ति विशेष के लिए हुआ है, ऐसा ही प्रतीत होता है। उपजिलाधिकारी मछलीशहर एवं जिलाधिकारी को अवगत कराना चाहेंगे कि सरकार द्वारा सरकारी नाली एवं घूर के लिए जो जमीन सरकार ने आवंटित की थी, उसको तोड़कर दबंगों ने अपने खेतों में मिला लिया है जिससे लोग अपने खेतों में ठीक ढंग से सिंचाई हेतु पानी नहीं ले जा पाते और नहीं घूर की व्यवस्था है। यदि सरकारी पैमाइश कराकर सरकारी घूर के एवज में उसे गांव में चकरोड की व्यवस्था हो जाय तो सभी ग्रामवासी मार्ग से लाभान्वित होंगे परंतु कहीं न कहीं से सरकारी विभाग के कर्मचारीगण एवं ग्राम प्रधान की मिलीभगत से आज उक्त गांव अपने मूल सुविधाओं से वंचित है।
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