अन्नदाता किसानों के साथ चकबन्दी में बरती जा रही भारी अनियमितता
जिलाधिकारी से लगायी न्याय की गुहार
तेजस टूडे ब्यूरो
राघवेन्द्र पाण्डेय
अमेठी। अन्नदाता किसानों की भूमि को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को सरकारी अमला ही ताक पर रखकर नियमों की जमकर अनदेखी कर रहा है। जनपद के सरायखेमा में चल रही चकबंदी में जमकर नियमों की अनदेखी कर किसानों के साथ अहित किया जा रहा है। पीड़ित और मजबूर किसान अब जिलाधिकारी से मिलकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। अमेठी तहसील के सरवनपुर निवासी हरीश वर्मा, सुनील वर्मा ने सरायखेमा में चल रही चकबंदी में भारी अनियमितता को लेकर जिलाधिकारी को पत्र देकर न्याय की मांग किया। जिलाधिकारी को दिए पत्र में पीड़ित ने कहा कि चकबंदी अधिकारी एवं चकबंदी लेखपाल द्वारा चक निर्माण आवंटन में भारी अनियमितता बरती जा रही है।
यही नहीं, बड़ी बात तो यह है कि संबंधित चकबंदी लेखपाल ने पीड़ित के ही एक वाद में अमला दरामद आगामी अक्टूबर अर्थात 5 महीने पहले की तिथि डालकर कार्यों में भारी लापरवाही की खुद पोल खोल दी है। यही नहीं, पीड़ित के वाद का एकतरफा आदेश महज सत्रह दिनों के भीतर कर दिया गया। पीड़ित ने बताया कि इन 17 दिनों में चार दिन तो सरकारी अवकाश था। ऐसे में न तो नोटिस जारी की गई न ही कोई सूचना दी गई। नियम विरुद्ध होकर एकतरफा लाभ देने के लिए पीड़ित के साथ चकबंदी लेखपाल एवं चकबंदी अधिकारी सरकारी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। पीड़ित ने चकों में मानक से अधिक कटौती करने की जांच के साथ चकबंदी लेखपाल एवं चकबंदी अधिकारी द्वारा बरती जा रही अनियमितता के जांच की मांग जिलाधिकारी समेत अन्य उच्चाधिकारियों से की है।
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