अमेठी कोतवाल की बदजुबानी से शर्मसार हुआ मिशन शक्ति अभियान
महिलाओं की फरियाद पर मिलीं गालियां, बाहर खदेड़ने का आरोप
तेजस टूडे ब्यूरो
राघवेन्द्र पाण्डेय
अमेठी। जहां उत्तर प्रदेश सरकार ‘मिशन शक्ति’ के तहत महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं अमेठी कोतवाली से आई एक शर्मनाक घटना ने इन प्रयासों को कठघरे में ला खड़ा किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते दिन कुछ महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर अमेठी कोतवाली पहुँची थीं। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि वहां मौजूद कोतवाल रवि सिंह ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें अशोभनीय भाषा में फटकारते हुए महिला कांस्टेबल से बाहर निकलवा दिया।
यह घटना न केवल महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाती है, बल्कि अमेठी पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक द्वारा चलाए जा रहे महिला सशक्तिकरण अभियानों की भावना को भी आहत करती है। ज्ञात हो कि अपर्णा रजत कौशिक मिशन शक्ति के अंतर्गत नारी सुरक्षा और सम्मान को लेकर अनेक जागरूकता कार्यक्रमों और शिविरों का संचालन कर रही हैं लेकिन जब उन्हीं की टीम के वरिष्ठ अधिकारी इस प्रकार का व्यवहार करें तो महिलाओं के भीतर न्याय पाने की उम्मीद और साहस दोनों ही टूटते हैं।
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क्या कहती हैं पीड़ित महिलाएं
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि हम अपनी बात लेकर कोतवाली गए थे। उम्मीद थी कि मदद मिलेगी। लेकिन कोतवाल साहब ने देखते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और हमसे कहा कि बाहर जाओ, यहां कोई सुनवाई नहीं होगी
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अमेठी पुलिस का पक्ष
हमारे संवाददाता ने असलियत जानने के लिए जब अमेठी प्रभारी निरीक्षक के सीओजी नंबर पर बात की तो उन्होंने बताया कि कंचन गुप्ता नाम की महिला आज दो-तीन दिनों से अनावश्यक रूप से दबाव बना कर अपनी मनमानी मनवाने के लिए मनगढ़ंत कहानी बता रही है जबकि वह हमारे थाने के परिसर में घुसकर जहां मैं बैठा था, वहां की वीडियो बना रही थी, वहां पर कुछ आवश्यक दस्तावेज भी थे इसलिए हमने मर्यादा के अंतर्गत उन्हें मना किया
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सवालों के घेरे में पुलिस तंत्र
क्या महिला सुरक्षा और सम्मान केवल अभियानों तक सीमित रह गया है क्या जमीनी स्तर पर महिलाओं की सुनवाई की जगह अपमान की भाषा ही मिलती है?
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जनता की मांग
जनपद अमेठी की जनता और महिला संगठनों की ओर से पुलिस अधीक्षक से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और कोतवाल पर उचित कार्रवाई की माँग की जा रही है, ताकि आगे कोई भी अधिकारी महिलाओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार करने का साहस न कर सके। महिला का दर्द, महिला ही समझ सकती है अब देखना यह है कि अमेठी की एसपी श्रीमती अपर्णा रजत कौशिक क्या इस मामले में कोई ठोस कदम उठाती हैं या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दब जाएगा।
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