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प्रदेश की भूजल सम्पदा का कर रहा संरक्षण भूगर्भ जल विभाग

  • प्रदेश की भूजल सम्पदा का कर रहा संरक्षण भूगर्भ जल विभाग

तेजस टूडे ब्यूरो
अब्दुल शाहिद
बहराइच। राज्य में भूगर्भ जल संसाधनों के निरन्तर बढ़ते महत्व एवं इसके प्रभावी प्रबंधन के दृष्टिगत भूगर्भ जल विभाग को प्रदेश की भूजल सम्पदा के सर्वेक्षण, अनुसंधान, नियोजन, विकास व प्रबन्धन तथा भूगर्भ जल दोहन के नियंत्रण एवं भूगर्भ जल संरक्षण, संचयन व विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही रिचार्ज योजनाओं के समन्वय तथा अनुश्रवण हेतु वर्ष 2004 में नोडल एजेंसी घोषित किया गया। प्रदेश के भूगर्भ जल विभाग के मुख्य कार्य व दायित्वों के अन्तर्गत प्रदेश की भूजल सम्पदा का सर्वेक्षण, आकलन, प्रबंधन व नियोजन तथा उससे जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक अध्ययन, भूगर्भ जल दोहन पर नियंत्रण, भूजल संरक्षण, संचयन तथा रिचार्ज योजनाओं का तकनीकी समन्वय व अनुश्रवण करना है।

भूजल संसाधन का विकास, आकलन एवं सुदृढ़ीकरण
प्रदेश के समस्त 75 जनपदों के 826 विकास खण्ड 31 मार्च 2025 के आंकड़ों पर आधारित नवीनतम भूजल संसाधनों के आंकलन के अनुसार 44 विकास खण्ड अतिदोहित श्रेणी, 48 विकास खण्ड क्रिटिकल श्रेणी, 171 विकास खण्ड सेमी क्रिटिकल श्रेणी तथा 563 विकास खण्ड को सुरक्षित श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत वितीय वर्ष 2024-25 में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल स्तर मापन कार्य के अन्तर्गत प्री-मानसून तथा पोस्ट-मानसून का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा निर्धारित लक्ष्यों के क्रम में 184 नं0 अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना एवं 200 नम्बर पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण का कार्य भी शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना के निर्धारित लक्ष्य 233 नं० का कार्य के सापेक्ष 233 नं0 का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 200 नम्बर पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण के सापेक्ष शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 15 से 22 जुलाई के मध्य ‘भूजल सप्ताह’ का सफल आयोजन करायज्ञ जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत 16 जुलाई से 22 जुलाई 2025 के मध्य ष्भूजल सप्ताहष् का सफल आयोजन कराते हुए जन जागरूकता लाई गई है।

इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट
उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में जल संसाधन के प्रबन्धन की परियोजना हेतु 20 अगस्त 2020 को उत्तर प्रदेश सरकार तथा जल संसाधन मंत्रालय, इजराइल के मध्य ‘प्लान ऑफ को-आपरेशन’ हस्ताक्षरित किया गया है जिसके अन्तर्गत बुन्देलखण्ड में जल प्रबन्धन के क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार किये जाने हेतु इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट योजना लागू की गई है। इस परियोजना के अन्तर्गत उन्नत कृषि उपायों, इन्टीग्रेटेड ड्रिप इरीगेशन द्वारा क्षेत्र में जल संवर्धन के कार्य किया जा रहा है। योजना में बुन्देलखण्ड परिक्षेत्र के 26 ग्रार्मा को सम्मिलित करते हुए हाइड्रो जियोलाजिकल परिस्थितियों के आधार पर डिमान्ड साइड मैनेजमेंट के कार्यों को मुख्य रूप से इजराइल सरकार द्वारा सुझाई गयी नवीनतम तकनीकों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस योजना के प्रथम चरण में चयनित इजराइली कम्पनी द्वारा फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित की गयी जिस पर अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। साथ ही इजराइली फर्म द्वारा जनपद-झांसी के विकास खण्ड-बडागांव के अन्तर्गत ग्राम गंगावली में मिनी पायलेट प्रोजेक्ट तैयार कर उपलब्ध कराया गया है जिस पर अनुमोदन के उपरान्त नियमानुसार ई-निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर अनुबन्ध गठन किया जा चुका है।

उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना
प्रदेश में अटल भूजल योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 88 अतिदोहित/क्रिटिकल विकास खण्डों में वाटर सिक्योरिटी प्लान का विकास तथा 88 मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष 4 नम्बर मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष कार्य प्रगति पर है। साथ ही प्रदेश के इन 88 विकास खण्डों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना किये जाने हेतु कुल 56000 वर्ग मीटर का लक्ष्य निर्धारित है जिस हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

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