कृषि वानिकी से बढ़ेगी किसानों की आय, फसल विविधीकरण एवं जल संरक्षण पर जोर
तेजस टूडे ब्यूरो
मुकेश तिवारी
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित एकदिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक कृषि वानिकी तकनीकों की जानकारी दी। इस मौके पर विशेषज्ञों ने कहा कि फसल विविधीकरण, मृदा-जल संरक्षण, पशुपालन और मत्स्य पालन को अपनाकर बुंदेलखंड के किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति डॉ. अशोक सिंह के निर्देशन तथा उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के वित्त पोषण से एकदिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में झांसी जनपद के बड़ागांव ब्लॉक के ग्राम विगुआन और अरी से आए करीब 50 किसानों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. सुशील सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किसानों को फसल विविधीकरण, मृदा व जल संरक्षण, पशुपालन और मत्स्य पालन को अपनाना होगा। अधिष्ठाता उद्यानिकी एवं वानिकी डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय में स्थापित कृषि वानिकी मॉडलों की जानकारी देते हुए वैज्ञानिकों से कहा कि आधुनिक तकनीकों को खेतों तक पहुंचाया जाए, ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके। कार्यक्रम की शुरुआत में विभागाध्यक्ष डॉ. एम.जे. डोबरियाल ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुये बताया कि कृषि वानिकी अपनाने से किसान अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर सकते हैं।
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