मण्डलायुक्त ने बीज एवं उर्वरक की समीक्षा बैठक कर दिये निर्देश
जिला कृषि अधिकारी सोनभद्र, भदोही व डीआर कोपरेटिव को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का दिया निर्देश
तेजस टूडे ब्यूरो
केजी वर्मा एडवोकेट
मिर्ज़ापुर। मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल डाॅ. मुथुकुमार स्वामी बी ने आयुक्त सभागार में बीज एवं उर्वरक की समीक्षा बैठक कर निर्देश दिया। बैठक में मण्डलायुक्त ने कार्य में लापरवाही बरतने व सही जानकारी न दिए जाने पर जिला कृषि अधिकारी सोनभद्र, भदोही एवं डीआर कोपरेटिव को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया।
बैठक में मीरजापुर जिलाधिकारी प्रियंका निर्जन भदोही एवं सोनभद्र से जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, संयुक्त विकास आयुक्त, अपर आयुक्त, संयुक्त कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय क्षेत्रीय सहायक निरीक्षक सहकारिता, जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता, क्षेत्रीय प्रबन्धक पीसीएफ सहित निजी उर्वरक कम्पनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जनपद मीरजापुर में फास्फेटिक उर्वरक 4658 मी. टन, सोनभद्र में 4259 मी. टन तथा भदोही में 1673 मी. टन उपलब्ध है। मण्डलायुक्त द्वारा निर्देशित किया कि उर्वरकों की बिक्री निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर न की जाए। यदि कही अधिक मूल्य पर बिक्री पायी जाती है तो विक्रेता के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने बैठक में उपस्थित जिला कृषि अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा गया कि अपने-अपने जनपद में उर्वरक विक्रेताओं की सतत् निगरानी करते रहें यदि कहीं पर अधिक मूल्य या कालाबाजारी की प्रकरण सामने आता है तो सम्बन्धित उर्वरक विक्रेता के विरूद्ध धारा 3/7 के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज कराकर आवश्यक कार्यवाही की जाए। मण्डलायुक्त ने जिला कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि बार्डर एरिया पर सघन अभियान चलाकर जांच किया जाए। सघन जांच हेतु क्षेत्रीय कर्मचारी/लेखपाल की ड्यूटी लगायी जाए। साथ ही निर्देशित किया गया कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी निजी उर्वरक विक्रेता के द्वारा बिना रसीद के उर्वरक की विक्री न की जाए। इस समय रबी 2024-25 में बुवाई का मुख्य सीजन है ऐसे में कृषकों को उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। साथ ही उपस्थित जिला कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कार्यालयों में बनाये गये कन्ट्रोल रूम के माध्यम से प्राप्त किसानों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। क्षेत्रीय सहायक निरीक्षक सहकारिता द्वारा बताया गया कि निजी उर्वरक कम्पनियों द्वारा भी जनपद में लगने वाली उर्वरक रैक में से कम से कम 30 प्रतिशत उर्वरक की आपूर्ति पीसीएफ को दिया जाएगा तथा उत्तर प्रादेशिक कोआपरेटिव फेडरेशन (पीसीएफ) की सहकारी समितियों के माध्यम से समिति द्वारा किसानों को उर्वरक का वितरण उचित दर पर किया जायेगा। जिस पर मण्डलायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि किसानों को उनके जोतबही एवं खतौनी के आधार पर पीओएस मशीन से ही उर्वरक का वितरण किया जाए। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक द्वारा बताया गया कि मीरजापुर में 900 मी. टन के निजी उर्वरक कोरोमण्डल की रैंक मिली है। इसमें से 30 प्रतिशत अर्थात 270 मी. टन डीएपी सहकारिता दिया गया।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचारहमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।


Support600 बीमारी का एक ही दवा RENATUS NOVA










