जनपद न्यायाधीश, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कारागार का किया निरीक्षण
तेजस टूडे ब्यूरो
केजी वर्मा एडवोकेट
मिर्ज़ापुर। जनपद न्यायाधीश अनमोल पाल, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन एवं पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन ने संयुक्त रूप से जिला कारागार पहुंचकर आकस्मिक निरीक्षण किया।
इस दौरान कैदिया के विभिन्न बैरको की जांच के साथ ही बन्दियों से जेल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त किया। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि जिन बन्दियों के पास न्यायालयों में पैरवी के लिए अधिवक्ता न हो, वे जिला कारागार अधीक्षक के माध्यम से अवगत करा दें, ताकि उन्हें शासकीय तौर पर अधिवक्ता दिलाया जा सकें। तत्पश्चात उन्होंने बन्दियों के लिए बन रहे नाश्ता/चाय का निरीक्षण कर भोजनालय कक्ष को भी देखा। कारागार के अस्पताल में बीमार बन्दियों से उनका कुशल छेम की जानकारी लेते हुए इलाज व दवाईयों के बारे में जानकारी प्राप्त की किया।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कारागार अधीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा कि ऐसे बन्दी जो पति पत्नी दोनों कारागार में निरूद्ध हो तथा उनके बच्चे जो 18 वर्ष आयु से कम हो, बिना अभिभावक के घर पर है तथा ऐसे बन्दी जिनके पति या पत्नी में से किसी मृत्यु हुआ हो और दोनों में से कोई एक जीवित है किन्ही कारण से कारागार में निरूद्ध है, उनकी सूची उपलब्ध करा दी जाय, ताकि उनके बच्चों के पालन पेाषण व शिक्षा हेतु बाल सेवा योजना सामान्य के तहत लाभान्वित किया जा सकेख्ता कि उनका पालन पोषण व शिक्षा प्रभावित न हों। कारागार में बन्दियों के सुविधा के दृष्टिगत जनपद न्यायाधीश एवं जिलाधिकारी द्वारा डेंटल क्लीनिक कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया तथा एक्सरे रूम का निरीक्षण किया। जिला कारागार अधीक्षक ने बताया कि बन्दियों को दांत की समस्या होने पर इलाज में दिक्कत होती थी, अब उन्हें इसके लिए उपचार की सुविधा कारागार में ही मुहैया हो सकेगी। इस अवसर पर कारागार अधीक्षक एस0के0 वर्मा, अपर जनपद न्यायधीश/सचिव विविध सेवा प्राधिकरण विनय आर्य, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा सिंह उपस्थित रहे।
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