झारखंड से आए रमेश ने बताया कि हमारा सौभाग्य है की जो हमारे आदर्श हैं हमारे प्रेरणा स्रोत हैं भारतीय संस्कृति मैं मर्यादा को स्थापित करने वाले प्रभु श्री राम के वर्षगांठ में सम्मिलित हुआ निश्चित ही पूर्व जन्म का आशीर्वाद रहा होगा। माता सीता के नगरी जनकपुर से ई जानकी माता ने बताया कि आज मन प्रसन्न हो गया मैं तो प्राण प्रतिष्ठा के समय अयोध्या में थी और इस समय मैं संकल्प लिया था कि जब पहली वर्षगांठ के पहले दिन भी अपने लाला का दर्शन करुंगी वह भी दिन पूरा हुआ निश्चित ही भारत के लिए है सबसे सौभाग्यशाली दिन है। ऐसे दर्जनों भक्तों ने अपनी बात को बताया और कहा कि हमारे राम हमारे जीवन के आदर्श। निश्चित ही मंदिर का भव्य स्वरूप देखकर सभी का मन भाव से भर जाएगा की 500 वर्षों का इंतजार तो हुआ लेकिन उसका अंत इतना सुखद हुआ की जिसको देखकर मन प्रसन्न हो जता है।





