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दिल्ली विवि की युवा संगम फेज-7 टीम को तमिलनाडु के लिये किया गया रवाना

  • दिल्ली विवि की युवा संगम फेज-7 टीम को तमिलनाडु के लिये किया गया रवाना

  • कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक समझ को बढ़ाना है: प्रो. केपी

तेजस टूडे ब्यूरो
बादल हुसैन
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध युवा संगम फेज-7 टीम शनिवार को गाँधी भवन के प्रांगण में एकत्रित हुई। यहाँ से एक 56 सदस्यीय टीम को केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु के लिए मुख्य अतिथि दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी व शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्रीयंश मोहन शिक्षा मंत्रालय, डॉ. नरेश ग्रोवर निदेशक (एआईसीटी), जय सिंह निदेशक विदेश मंत्रालय व नोडल ऑफिसर डीयू युवा संगम फेज-7 प्रो के.पी. सिंह आदि उपस्थित रहे।
डीयू युवा संगम फेज-7 के मुख्य संरक्षक कुलगुरु प्रो. योगेश सिंह एवं रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने सुरक्षित व सुखद यात्रा के लिए शुभकामना देते हुये कहा कि अनेकता में एकता, यही है भारत की विशेषता। यह टीम 24 अक्टूबर से 2 नवम्बर तक केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु के नेतृत्व में राज्य का भ्रमण करेगी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों, कॉलेजों के प्रिंसिपल, डीन, डायरेक्टर व शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी श्रीयंश मोहन एवं नरेश ग्रोवर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत युवाओं को अपनी संस्कृति, साहित्य और समाज से जोड़ने का माध्यम है। एक भारत, श्रेष्ठ भारत भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य देश की विविध संस्कृतियों, भाषाओं, परंपराओं और जीवन शैलियों के बीच आपसी समझ एवं एकता को बढ़ावा देना है।
“एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के नोडल ऑफिसर/गाँधी भवन के निदेशक प्रो के.पी. सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से राष्ट्रीय एकता, भाईचारे, सद्भाव और देशभक्ति की भावना मजबूत होती है। यह पहल विविधता में एकता के भारतीय आदर्श को साकार करते हुए राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। कार्यक्रम के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय से 56 सदस्यों का एक दल (50 छात्र और 6 शिक्षक) 24 अक्टूबर से 2 नवम्बर तक केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु के विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के स्थलों का भ्रमण करेगी।
गाँधी भवन के संयुक्त निदेशक प्रो हंसराज सुमन ने बताया कि युवाओं के लिए एक सप्ताह शैक्षिक और सांस्कृतिक यात्रा के माध्यम से भारत की विविधता और एकता को बेहतर ढ़ंग से समझने, सराहने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम पाँच स्तंभों 5 पीएस पर केंद्रित है— पर्यटन, परंपरा, प्रगति, परस्पर संपर्क और प्रौद्योगिकी। शिक्षा मंत्रालय के विजन और दिशा निर्देशों के अनुरूप ही इस कार्यक्रम को पूरा करने का लक्ष्य है। इस अवसर पर तमाम लोग उपस्थित रहे।

 

 

 

 

 

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