लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
तेजस टूडे ब्यूरो
अब्दुल शाहिद
बहराइच। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विनोद यादव के निर्देश पर नालसा ई-जागृति स्कीम 2025 के अंतर्गत बालकों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पॉक्सो अधिनियम)” सुरक्षित बचपन सुरक्षित भविष्य विषय पर संजीवनी लॉ कॉलेज कीर्तनपुर में प्राचार्य रोहित प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुधाकर त्रिपाठी ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 पर विस्तृत चर्चा करते हुए जागरूकता शिविर का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में लॉ कॉलेज के प्रतिभागी छात्र/छात्राओं अंजलि निषाद, इति पटेल, विष्णु प्रताप सिंह, सूफियान वारसी, शान, अभिनव चौधरी, देवी प्रसाद मिश्रा, आकाश वर्मा सहित अन्य वक्ताओं द्वारा विषय के अनुरूप अपने अपने विचार व्यक्त किये गये। शिविर में प्रमुख वक्ता के रूप में डॉ. निशा त्रिपाठी, डॉ. सी.पी. वर्मा, डॉ. ए.के. कन्नौजिया, डॉ. साधना सिंह आदि ने बताया कि पॉक्सो अधिनियम, 2012 बच्चों के यौन उत्पीड़न, यौन शोषण, लैंगिक अपराधों एवं अश्लील सामग्री से संरक्षण प्रदान करने हेतु बनाया गया एक विशेष कानून है। यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों पर समान रूप से लागू होता है तथा बाल हितों की रक्षा के लिए बाल-अनुकूल न्यायिक प्रक्रिया का प्रावधान करता है। अधिनियम में विशेष न्यायालयों के माध्यम से त्वरित सुनवाई तथा पीड़ित बच्चों की पहचान गोपनीय रखने की व्यवस्था भी की गई है।
विषय विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को यदि बाल यौन शोषण अथवा लैंगिक अपराध की जानकारी प्राप्त होती है तो उसकी सूचना संबंधित पुलिस अथवा विशेष किशोर पुलिस इकाई को देना आवश्यक है। अधिनियम के अंतर्गत शिकायत दर्ज कराने, साक्ष्य संकलन एवं न्यायिक कार्यवाही के दौरान बच्चों के सम्मान, सुरक्षा एवं गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाता है। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को बाल अधिकारों, साइबर सुरक्षा, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श (गुड टच एण्ड बैड टच), बाल संरक्षण सेवाओं तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। वक्ताओं ने अभिभावकों एवं शिक्षकों से बच्चों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने का आह्वान किया।
अंत में संजीवनी लॉ कॉलेज के प्रचार्य रोहित प्रकाश सिंह ने कार्यक्रम आयोजन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार ज्ञापित करते हुए उपस्थित शिक्षण स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को बच्चों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने हेतु जागरूक रहने तथा पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का संकल्प दिलाया।
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