स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ आशा बहुओं ने उठायी हक की आवाज
मानदेय बढ़ाने एवं स्थायीकरण की मांग
तेजस टूडे सं.
प्रेमचन्द
बाराबंकी। सिद्धौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाली आशा बहुओं और आशा संगिनियों ने अपने हक, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की मांग उठाई है। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने वाली इन कर्मियों ने मानदेय वृद्धि, स्थायीकरण और समय पर भुगतान की मांग की है। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरौली, जनपद के चिकित्सा अधीक्षक को देने के लिए तैयार किया गया है। इसमें आशा बहुओं एवं संगिनियों की कार्य परिस्थितियों और आर्थिक परेशानियों को प्रमुखता से उठाया गया है। ज्ञापन देते समय आशा संगिनी पुष्पलता सिंह, बालेस्वरी, बिट्टू गुप्ता, संगीत, संजू सिंह, रेनू, प्रतिभा सिंह, शांति देवी, आरती आदि क्षेत्र की तमाम आशाएं मौजूद रही। सवाल सिर्फ मानदेय का नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित भविष्य का भी है। स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि जमीनी स्तर पर सेवाएं देने वाली महिलाओं की समस्याओं को सुना जाए और उनकी मांगों पर ठोस पहल की जाय।
जिम्मेदारियां बड़ीं मगर सुविधाओं का इंतजार
आशा बहुएं और संगिनियां ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल से लेकर टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी जिम्मेदारी व्यापक है। इसके बावजूद ज्ञापन में कहा गया है कि उन्हें कार्य के अनुरूप मानदेय और आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी निभाने वाली इन महिलाओं की मांग है कि उनकी मेहनत को उचित सम्मान मिले और आर्थिक असुरक्षा से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाये जायं।
ज्ञापन में उठायी गयीं 5 प्रमुख मांगें
ज्ञापन में आशा बहुओं एवं संगिनियों ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। मानदेय वृद्धि: कार्य के अनुरूप उचित मानदेय दिया जाए। स्थायीकरण: स्थायी राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग पर विचार किया जाए। सामाजिक सुरक्षा: आवश्यक सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। समय पर भुगतान: मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए।
उचित सेवा शर्तें: कार्य के अनुरूप जिम्मेदारियां और सेवा संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित की जाएं।
सरकार से न्याय की उम्मीद ज्ञापन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की गई है। अब इन कर्मियों को सरकार के फैसले का इंतजार है।













