दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल
15 दिव्यांगजनों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल की सौगात
तेजस टूडे ब्यूरो
अब्दुल मोबीन सिद्दीकी
बलरामपुर। दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं उनके जीवन को सुगम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. विपिन जैन एवं मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने नील कोठी के समीप स्थित बचपन डे केयर सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर दिव्यांग बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षिक सुविधाओं, पठन-पाठन की गुणवत्ता, देखभाल, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। 15 पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, बचपन डे केयर सेंटर के संबंधित अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
बच्चों से संवाद करके डीएम ने परखी शिक्षा की गुणवत्ता
जिलाधिकारी ने बचपन डे केयर सेंटर में अध्ययनरत बच्चों से आत्मीय संवाद किया तथा उनकी शैक्षिक गतिविधियों एवं सीखने की प्रगति की जानकारी प्राप्त किया। उन्होंने बच्चों के पठन-पाठन, शिक्षण पद्धति तथा केंद्र पर उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने संबंधित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि दिव्यांग बच्चों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर देखभाल उपलब्ध कराई जाए। प्रत्येक बच्चे की क्षमता, रुचि एवं आवश्यकता के अनुरूप शिक्षण गतिविधियां संचालित की जायं जिससे बच्चों का शैक्षिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास सुनिश्चित हो सके। दिव्यांग बच्चों में प्रतिभा एवं क्षमताओं की कोई कमी नहीं होती, आवश्यकता उन्हें उचित मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं अनुकूल वातावरण प्रदान करने की है। शिक्षकों एवं कर्मचारियों का दायित्व है कि वे संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करें तथा उन्हें अधिक से अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास करें।
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, पौष्टिकता एवं स्वच्छता का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने केंद्र पर बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले मध्याह्न भोजन की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, पौष्टिकता, साफ-सफाई एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी प्राप्त किया। निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखा जाए तथा केंद्र परिसर में स्वच्छता एवं साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दिव्यांग बच्चों के समुचित विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उचित पोषण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित वातावरण भी अत्यंत आवश्यक है। इसके दृष्टिगत केंद्र पर संचालित सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखा जाय।













