लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 15 दिन में गड्ढामुक्त हो राष्ट्रीय राजमार्ग: जिलाधिकारी
चौराहों के 50 मीटर दायरे में बैनर-होर्डिंग और ई-रिक्शा पर रोक की तैयारी
तेजस टूडे ब्यूरो
रविन्द्र चौधरी
उरई, (जालौन)। जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के बावजूद उनकी मरम्मत न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और 15 दिन के भीतर गड्ढों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को पर्याप्त मैनपावर और मशीनरी लगाकर सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरवाने तथा मार्गों को यातायात के लिए सुरक्षित एवं सुगम बनाने को कहा।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर बस, ट्रक, चार पहिया और दो पहिया वाहन चालकों की आंखों की जांच, शुगर टेस्ट सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण कराए जाएं, ताकि वाहन चालकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए। रॉन्ग साइड वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग करने, नशे की हालत में वाहन चलाने तथा हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग न करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। विद्युत विभाग को शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलाने, आवश्यकतानुसार नए विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित कराने तथा ट्रांसफार्मरों की जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले अनावश्यक विद्युत पोल और केबल को हटाने के लिए भी कहा।
शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और यातायात पुलिस को सड़कों एवं चौराहों पर अनावश्यक रूप से लगे बैनर, होर्डिंग और विज्ञापन सामग्री तत्काल हटवाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि चौराहों के 50 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का बैनर या होर्डिंग नहीं लगाया जाए और वहां ई-रिक्शा खड़े न होने दिए जाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाय।
जिलाधिकारी ने शहर की सड़कों पर अनावश्यक रूप से पड़ी बजरी, ईंट, बालू और अन्य निर्माण सामग्री को तत्काल हटवाने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि ऐसी सामग्री से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है और यातायात बाधित होता है। संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट, अधिशासी अधिकारी और यातायात निरीक्षक को सड़कवार कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आवश्यकता के अनुसार कुछ मार्गों पर ई-रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित किया जाए और संबंधित स्थानों पर स्पष्ट सांकेतिक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि यातायात सुचारु बना रहे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, सीओ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच0एन0 प्रसाद, अधिशासी अधिकारी लोक निर्माण विभाग अमित सक्सेना, सुनील कुमार, महेंद्र सिंह, एआरटीओ प्रशासन सौम्या पाण्डेय, प्रवर्तन राजेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।













