जैपुरिया स्कूल्स पड़ाव कैम्पस में ‘अनुसंधान 2026’ का हुआ आयोजन
रोबो-फुटबाल और 100+ इनोवेटिव मॉडल्स ने जीता सबका दिल
तेजस टूडे ब्यूरो
दीपक कुमार
मुगलसराय, चन्दौली। सेठ एम.आर. जैपुरिया स्कूल्स बनारस पड़ाव कैंपस के ‘श्री संगम ऑडिटोरियम’ में विशाल साइंस एक्जीबिशन-‘अनुसंधान 2026’ का भव्य एवं सफल आयोजन हुआ। विद्यालय में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का भी आयोजन हुआ जहां बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों ने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर चर्चा के साथ उनके वैज्ञानिक नवाचारों का अवलोकन किया। प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान की प्रवृत्ति, तार्किक चिंतन एवं नवाचार की भावना विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार, जागरूक और सृजनशील नागरिक बनकर राष्ट्र की प्रगति में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकें। इस प्रदर्शनी में कक्षा एक से बारहवीं तक के लगभग 500 बच्चों की सक्रीय भागीदारी रही।
उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उच्च प्रशासनिक ग्रेड प्रोफेसर आईआईटी शशांक शेखर मंडल, विशिष्ट अतिथि प्रतिष्ठित भारतीय शोधकर्ता और शिक्षाविद डॉ॰ अयान हलदार एवं विद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी वृंद के स्वागत के साथ किया गया। इसी क्रम में मुख्य अतिथि द्वारा प्रदर्शनी स्थल श्री संगम ऑडिटोरियम में फीता काटकर किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ शारदा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन और सुमधुर सरस्वती वंदना के साथ हुआ। आगन्तुक अभिभावकों, अतिथियों एवं शिक्षकों ने छात्र वैज्ञानिकों द्वारा सजाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
प्रदर्शनी में रोबोटिक्स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित रोबोटिक आर्म, इमोशन रिकग्निशन रोबोट, रोबो वॉर, वाई-फाई नियंत्रित कार, ब्लूटूथ नियंत्रित कार, सेंसर कार, बाधाओं से बचने वाली लाइन-फॉलोइंग कार, हाइड्रोलिक रोबोटिक आर्म जैसे मॉडल प्रस्तुत किए गए। इसके अतिरिक्त हाइड्रोलिक लिफ्ट, हाइड्रोलिक पुल, हाइड्रोलिक उत्खनन मशीन, विद्युतचुंबकीय क्रेन, चुंबकीय उत्तोलन, स्मार्ट डस्टबिन, स्मार्ट अपशिष्ट पृथक्करण प्रणाली, प्लास्टिक पुनर्चक्रण मशीन, प्लास्टिक से ईंधन बनाने की मशीन, अपशिष्ट पदार्थों से ऊर्जा उत्पादन, जल शुद्धीकरण प्रणाली, वर्षा जल संचयन, जलस्तर संकेतक, जलचक्र, जल-आधारित विद्युत उत्पादन तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित मॉडल बनाए। स्मार्ट सिंचाई प्रणाली, ड्रिप सिंचाई, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई, हाइड्रोपोनिक वर्टिकल फार्मिंग, एक्वापोनिक्स खेती की मॉडल प्रस्तुत किया।
पर्यावरण-अनुकूल ग्रीनहाउस एवं सतत विकास पर आधारित स्मार्ट सिटी के मॉडलों ने प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। अंतरिक्ष विज्ञान एवं खगोल विज्ञान के अंतर्गत चंद्रयान-3, चंद्रयान, मंगलयान, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन, ब्लैक होल एवं गुरुत्वीय लेंसिंग तथा मिनी मौसम एवं अंतरिक्ष प्रणाली जैसे मॉडल प्रस्तुत किए गए। आरएमएस टाइटैनिक, ज्वालामुखी, जलचक्र, पादप कोशिका, डीएनए संरचना, मानव पाचन तंत्र, भ्रूणीय विकास, प्रतिवर्ती चाप जैसे मॉडलों ने जीव विज्ञान एवं प्राकृतिक घटनाओं के प्रति विद्यार्थियों की जिज्ञासा को अभिव्यक्त किया। आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा विषय के अंतर्गत वर्षा संसूचक, बाढ़ चेतावनी प्रणाली, भूस्खलन पूर्व चेतावनी प्रणाली, अग्नि सुरक्षा प्रणाली, लेज़र सुरक्षा प्रणाली, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन तथा अग्निकांड, भूकंप और बाढ़ से बचाव संबंधी मॉडल प्रस्तुत किये गये।
इसके अतिरिक्त स्मार्ट सिटी, आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम, वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली, वायु प्रदूषण नियंत्रण, विद्युत जनित्र, न्यूटन के तीनों गति नियम, हाइड्रोजन ट्रेन, वायु अनुकूलन प्रणाली तथा पारंपरिक एवं आधुनिक जल संचयन प्रणालियों की तुलना जैसे विविध विषयों पर भी विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रदर्शनी में प्रस्तुत प्रत्येक मॉडल विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, समस्या-समाधान की क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा प्रयोगात्मक अधिगम के प्रति उनकी रुचि का परिचायक रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ॰ शशांक शेखर मंडल ने बाल वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा: आज के बच्चे केवल कल का भविष्य नहीं, बल्कि आज के नवप्रवर्तक हैं। विद्यालय प्रशासन और शिक्षकगण बधाई के पात्र हैं जिन्होंने विद्यार्थियों में इस प्रकार की वैज्ञानिक चेतना और रचनात्मकता का बीजारोपण किया है।” कार्यक्रम की सफलता पर प्रबंध निदेशक मनोज बजाज ने अपने प्रेरणास्पद संदेश में कहा: विज्ञान केवल किताबों में पढ़ा जाने वाला विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने और समस्याओं का समाधान ढूंढने का एक दृष्टिकोण है। हमारे विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित सोच और नवाचार इस बात का प्रमाण हैं। इसी क्रम में प्रदर्शनी के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बाल वैज्ञानिकों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। PTM और विज्ञान प्रदर्शनी के इस दोहरे आयोजन में पधारे अभिभावकों, शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों ने बच्चों के प्रयासों और शिक्षकों के मार्गदर्शन की प्रशंसा किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य बिनोद दास ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उच्च प्रशासनिक ग्रेड प्रोफेसर आईआईटी शशांक शेखर मंडल, विशिष्ट अतिथि प्रतिष्ठित भारतीय शोधकर्ता और शिक्षाविद डॉ॰ अयान हलदार विद्यालय के चेयेरमैन दीपक बजाज, प्रबंध निदेशक मनोज बजाज, कार्यकारी निदेशक श्यामसुंदर बजाज, निदेशक गौरांग बजाज, निदेशक गवेन्द्र बजाज, निदेशिका पूजा बजाज, प्रधानचार्य बिनोद दास, अभिभावक वृंद, शिक्षकगण एवं बच्चों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 11वीं की आरुशी बजाज एवं नौरिता जैन ने संयुक्त रूप से किया।













