जगतपुर के वायरल वीडियो के पीछे जमीनी विवाद, अब सियासी रंग में रंगा मामला
उड़वा गांव पहुंचा सपा का प्रतिनिधिमंडल, सीमा पासवान के पक्ष में रखी बात, दोनों पक्षों को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज
तेजस टूडे ब्यूरो
संदीप पाण्डेय
रायबरेली। जगतपुर थाना क्षेत्र के उड़वा गांव में गाड़ी तोड़े जाने का वायरल वीडियो अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। शुरुआती तौर पर सामने आए घटनाक्रम के पीछे दो पक्षों के बीच जमीन से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। मामले में दोनों पक्षों के समर्थन को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि एक पक्ष जगन्नाथ रैदास का है जिनके समर्थन में ग्राम प्रधान बताए जा रहे हैं। वही दूसरे पक्ष में सीमा पासवान हैं जिनके समर्थन में रिद्धिमा सिंह और उनके पति मोहित सिंह के खड़े होने की बात सामने आई है। फिलहाल उड़वा गांव का जमीन विवाद वायरल वीडियो से आगे बढ़कर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
वायरल वीडियो को लेकर क्या है चर्चा?
वायरल वीडियो में एक युवक को गाड़ी तोड़ते हुए देखा जा रहा है। स्थानीय चर्चाओं और सामने आई जानकारी के मुताबिक गाड़ी तोड़ने वाले युवक ग्राम प्रधान के पक्ष के बताए जा रहे हैं और उन पर जगन्नाथ रैदास का समर्थन करने का आरोप है।
सीमा पासवान के समर्थन में पहुंचा सपा का प्रतिनिधिमण्डल
मामले में राजनीतिक हलचल उस समय और बढ़ गई जब समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सीमा पासवान के पक्ष को सुनने के लिए उड़वा गांव पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने के बाद जमीन विवाद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं, क्योंकि दोनों ही समाज पीडीए समाज से जुड़े हैं और एक पक्ष की तरफ से सपा का प्रतिनिधिमंडल उनकी बात सुनने पहुंचता है तो दूसरी तरफ पीडीए समाज की बात को अनदेखी की गई जो कहीं न कहीं राजनीतिक गलियारों में राजनीतिक की चर्चाओं को तेज कर रहा है
स्थानीय मंत्री को लेकर भी चर्चा
सपा के बागी विधायक कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय का यह विधानसभा क्षेत्र है जहां से लगातार तीन बार विधायक बन मनोज पांडेय वर्तमान कैबिनेट मंत्री है। यह विवाद उनके विधानसभा क्षेत्र में था तो सपा की निगाहें उसपर जमी हुई है जिसका नतीजा यह है उनकी विधानसभा में दूसरी पार्टी के सपोर्ट करने का आरोप ब्राह्मण प्रधान के ऊपर है और ब्राह्मण का नाम सुनते ही पीडीए का नारा देने वाली सपा का प्रतिनिधि मंडल दूसरी पार्टी से मिल कर उनकी बात को सुना।
सपा प्रतिनिधिमण्डल के मार्ग में दूसरा पक्ष भी आ पहुंचा
थोड़ी देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया था लेकिन पुलिस की सूझबूझ से मामला टल गया। सपा प्रतिनिधिमंडल के प्रतिनिधियों के मार्ग में जाते समय दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। पीडीए की बात करने वाली समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सहित प्रतिनिधि मंडल को दूसरे समाज के लोगों ने घेर लिया और कहा कि अखिलेश यादव पीडीए समाज की बात करते हैं। हम सभी भी उसी समाज से आते हैं, हमारी बातों को भी सुनिए जिसको नजरअंदाज कर प्रतिनिधिमंडल अपने गंतव्य को चला गया लेकिन कई सवाल जनता के बीच में छोड़ गया।













