HomeTrendingश्री दुर्गेश्वरी देवी माता मन्दिर अयोध्या का पहला एवं नौ देवियों माता...

श्री दुर्गेश्वरी देवी माता मन्दिर अयोध्या का पहला एवं नौ देवियों माता का मन्दिर बना

  • श्री दुर्गेश्वरी देवी माता मन्दिर अयोध्या का पहला एवं नौ देवियों माता का मन्दिर बना

तेजस टूडे ब्यूरो
राजेश श्रीवास्तव
अयोध्या। शारदीय नवरात्र के पहले दिन सभी देवियों के मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़, देखने को मिल रही है। अयोध्या में मुख्य रूप से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की कुलदेवी देवकाली मंदिर, हठी महारानी मंदिर, पाटेश्वरी देवी मंदिर, मरी माता मंदिर में नवरात्रियों की धूम, बड़ी ही संख्या में श्रद्धालु मंदिर दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
इस नवरात्रि में सबसे प्रमुख मंदिर अयोध्या का जहां शक्ति माता दुर्गा के साथ नौ देवियों का स्वरूप, श्री गणपति भगवान, महाबली बजरंग बली, महादेव अपने परिवार के साथ विराजमान है यह मंदिर अयोध्या का पहला मंदिर जहां पर नौ देवियों की दिव्य मूर्तियां स्थापित है, श्री दुर्गेश्वरी देवी माता मंदिर रीडगंज अयोध्या रामपथ साहबगंज के पास स्थित है श्री दुर्गेश्वरी देवी मंदिर प्राचीन व बहुत ही सिद्ध मंदिर है जहां श्री दुर्गेश्वरी देवी माता ( दुर्गा मां शक्ति रूप में विराजमान थी)। इस मंदिर में नौ देवियों का स्वरूप माता रानी के साथ स्थापित हुआ उसके बाद, मंदिर की भव्यता और खूबसूरती, सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाली मंदिर, श्री दुर्गेश्वरी देवी माता मंदिर।
यहाँ की मान्यता है कि सच्चे मन से जो भी माता रानी के मंदिर मे माता का दर्शन करने पहुंचता है और माता रानी के दरबार मे अपनी अर्जी माँ के सामने रखता है माता रानी उसकी मनोकामना जरूर पूरी करती है, 1980 में श्री दुर्गेश्वरी देवी माता के मंदिर की स्थापना स्थानीय लोगों ने मिलकर कराई थी जहाँ श्री दुर्गा माता की प्रतिमा शक्ति रूप में विराजमान किया गया, इस मंदिर के सामने बहुत प्राचीन कुआं स्थापित है जहां लोग पूजा अर्चना करते और तीज त्यौहार व शादी विवाह में कुएं पर भी पूजन करते हैं। यहाँ की मान्यता को देखते हुए बहुत दूर-दूर से लोग श्री दुर्गेश्वरी देवी माता मंदिर के दर्शन करने पहुंचते हैं, माता रानी के मंदिर में कई चमत्कार लोगों के साथ हुए हैं जिससे इस मंदिर की माता जी के ऊपर लोगों का अटूट विश्वास है और लोग अपनी आस्था स्वरूप मंदिर में आते हैं और माता रानी के दर्शन पूजा अर्चना व अपनी समर्थ के अनुसार विभिन्न आयोजन भी समय-समय पर किया करते हैं।
14 मई 2026 को स्थानीय लोगों के सहयोग, माँ की शक्ति और चमत्कार को देखते हुए सभी लोगों ने मिलकर श्री दुर्गेश्वरी देवी माता मंदिर में, नौ देवियों की प्रतिमाओं की स्थापना किया। इसके साथ ही श्री गणपति भगवान व श्री महाबली हनुमान जी की प्रतिमा की भोले नाथ जी भी अपने परिवार के साथ विराजमान है। स्थापना के साथ प्राचीन कुएं का सौंदर्यकरण करते हुये कुए के ऊपर शक्ति का रूप दुर्गा माता की सवारी, पीले रंग शेर की प्रतिमा की स्थापना की, कुए के ऊपर, श्री दुर्गेश्वरी देवी मंदिर के बाहर एक भव्य द्वार का निर्माण करते हुए उसके ऊपर सूर्य देव प्रतिक व घंटा लगाया जिससे लोग मंदिर में प्रवेश करने से पहले शेर का आशीर्वाद लेते और घंटा बजाने के बाद शक्ति रूप दुर्गा माता व नौ देवियों के दर्शन के लिए प्रवेश करते हैं। नवरात्र में बड़ी ही धूमधाम से माता के मंदिर में पूजा अर्चना की जा रही है। माता के भजन गीत, भोग प्रसाद आरती की भव्य व्यवस्था के साथ 9 दिन माता के मंदिर में भक्तों का ताता लगा रहेगा।

 

 

 

 

 

Must Read