शहनाइयों की गूंज के बीच अयोध्या के गोसाईगंज में 185 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ
तेजस टूडे ब्यूरो
राजेश श्रीवास्तव
अयोध्या। शारदीय नवरात्र पर अयोध्या के गोसाईगंज में शहनाइयों की मधुर धुन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुशियों का माहौल देखने को मिला। वहीं विवाह समारोह का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा पाण्डेय समेत अन्य अतिथि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सोमवार को राम सुचित महाविद्यालय में आयोजित समारोह में 185 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें एक मुस्लिम जोड़ा भी शामिल रहा जिसका निकाह संपन्न कराया गया।
मां ब्रह्मचारिणी की आराधना के बीच आयोजित इस समारोह में जरूरतमंद परिवारों के लिए यह दिन नई शुरुआत और खुशियों की सौगात लेकर आया। कार्यक्रम में मयाबाजार विकास खंड के 90, तारुन विकास खंड के 92 और नगर पंचायत गोसाईगंज क्षेत्र के तीन जोड़े शामिल हुए। गोसाईगंज विधायक अभय सिंह की मौजूदगी में संपन्न समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। विवाह मंडप को फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था। नवदंपतियों को पारंपरिक परिधान पहनाए गए और योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता तथा आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह के खर्च में सहायता देकर उन्हें राहत पहुंचाने का प्रयास है।
गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए स्थानीय प्रशासन और विधायक कार्यालय की ओर से पंजीकरण से लेकर समारोह तक की व्यवस्थाएं की गईं। विधायक अभय सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। महिलाओं के नाम पर आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था से उन्हें घर में मालिकाना हक और सम्मान मिल रहा है। विधायक ने नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी के आवश्यक सामान भी भेंट किया। साथ ही बेटियों को आश्वस्त किया कि किसी भी परेशानी की स्थिति में वह और उनका परिवार हरसंभव सहायता के लिए तत्पर रहेंगे।
मजदूर पिता के लिये मुश्किल था शादी का खर्च उठाना
समारोह में शामिल तारुन ब्लॉक लाभार्थी सकीना बानो ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया, “मेरे पिता मजदूरी करते हैं। घर में तीन बहनें हैं। शादी का खर्च उठाना असंभव लग रहा था। योजना के तहत हमें सहायता मिली और आज मैं सुहागन बन गई। पूरा परिवार खुश है। ऐसे कार्यक्रम से कई गरीब परिवारों को राहत मिलती है।” उनके पति मोहम्मद कयूम ने भी योजना की सराहना करते हुए इसे जरूरतमंद परिवारों के लिए मददगार पहल बताया। समारोह में हिंदू जोड़ों का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया।
सामूहिक विवाह से सामाजिक एकता का संदेश
जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा पाण्डेय ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में इस योजना के माध्यम से सैकड़ों जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित यह समारोह सामाजिक एकता और जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देने का संदेश देता है। अंत में अतिथियों और लाभार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समारोह में शामिल जोड़ों और उनके परिवारों के लिए यह दिन खुशियों और नई उम्मीदों से भरा रहा।













