अहमदाबाद में दिखा भक्ति, संस्कृति एवं उल्लास का विराट संगम
विश्वस्तरीय गरबा महोत्सव ने रचा सामाजिक एकता का नया अध्याय
10000 स्वजातीय बन्धुओं ने की सहभागिता, मां दुर्गा की आराधना से हुआ शुभारम्भ
मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, मुख्य अतिथि ने प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक विरासत का दिया गया संदेश
तेजस टूडे ब्यूरो
शुभांशू जायसवाल/शुभम जायसवाल
अहमदाबाद। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं सरदार बल्लभ भाई पटेल की कर्मभूमि, पावन साबरमती तट की गौरवशाली धरती तथा गुजरात की सांस्कृतिक, आर्थिक एवं ऐतिहासिक वैभव से समृद्ध नगरी अहमदाबाद में आयोजित अखिल भारतीय जायसवाल (सर्ववर्गीय) महासभा द्वारा भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता के अनुपम संगम के रूप में आयोजित विश्वस्तरीय गरबा महोत्सव ने चंद्रप्रसाद देसाई हॉल बापूनगर के संपूर्ण प्रांगण को भक्ति, उल्लास और उत्सव के रंगों से सराबोर कर दिया। लगभग 10,000 स्वजातीय बंधुओं, मातृशक्ति, युवाओं एवं परिवारों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इस आयोजन को भव्यता, गरिमा और सामूहिक एकजुटता का यादगार उदाहरण बना दिया। माँ दुर्गा की आराधना, पारंपरिक गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियों और समाज बंधुओं के उमंगपूर्ण सहभाग ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सांस्कृतिक चेतना से ओत—प्रोत कर दिया।
इस अनुपम, विराट, अद्भुत एवं विश्वस्तरीय सांस्कृतिक संध्या तथा गरबा महोत्सव का भव्य आयोजन महासभा के मुख्य संरक्षक बालेश्वर दयाल जायसवाल, राष्ट्रीय वरिष्ठ संरक्षक पन्ना लाल जायसवाल एवं राष्ट्रीय संरक्षक किशोर हेमराज जायसवाल के मार्गदर्शन तथा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मदन लाल जायसवाल की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। प्रारंभिक मंच का संचालन महासभा के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य वर्धनम ने किया जिन्होंने देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे अतिथियों, महासभा के पदाधिकारियों, समाज के गणमान्यों तथा आयोजन की सफलता में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले समस्त सहयोगी कर्मवीरों, दानदाताओं का अभिनंदन किया। सभी अतिथियों का राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गुजरात महासभा कि टीम द्वारा रंग-बिरंगी पगड़ी, साफा और मोती की माला द्वारा अभिनन्दन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां दुर्गा की विधिवत आरती एवं पूजा-अर्चना के साथ भक्तिमय वातावरण में हुआ। दीपों की आभा, माँ की स्तुति और श्रद्धा से गूँजते परिसर ने उपस्थित जनसमुदाय को आध्यात्मिक भाव धारा से जोड़ दिया। इसके पश्चात प्रस्तुत भव्य नृत्य कलाओं एवं पारंपरिक गरबा ने समारोह की शोभा में अभूतपूर्व वृद्धि किया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, संगीत की मधुर स्वर लहरियों और गरबा की लयबद्ध थाप पर थिरकते कदमों ने ऐसा मनोहारी दृश्य प्रस्तुत किया। मानो पूरा चंद्र प्रसाद देसाई हॉल भक्ति और आनंद की एक ही लय में स्पंदित हो रहा हो। सायं 7 बजे से प्रारंभ हुआ यह भव्य गरबा महोत्सव प्रातः 3 बजे तक निरंतर उल्लास और उमंग के साथ चलता रहा। समाज की बेटियों, बहनों एवं भाइयों ने मंच पर पुराने और नए संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों से अलौकिक छटा बिखेरी। पारंपरिक संस्कृति और आधुनिकता के इस सजीव संगम ने उपस्थित जनसमूह को भाव—विभोर कर दिया।
भारत वर्ष के विभिन्न राज्यों से पधारे 200 से अधिक पदाधिकारियों समेत लगभग 8000 से 10000 समाज बंधुओं की उपस्थिति ने जनसहभागिता का विराट उदाहरण प्रस्तुत किया। पूरा अहमदाबाद व्यक्तिगत पहचान से ऊपर उठकर सामूहिक संस्कृति और समाज की साझा विरासत, धार्मिक आस्था और सामाजिक आत्मीयता का जीवंत प्रतिबिंब प्रतीत हो रहा था। इस आयोजन में विभिन्न आयु वर्गों के लोगों की सहभागिता ने पीढ़ियों के बीच सांस्कृतिक सेतु स्थापित करने तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, संस्कारों और गौरवशाली विरासत से जोड़ने का सार्थक संदेश दिया। समारोह के मुख्य अतिथि महासभा के राष्ट्रीय संरक्षक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के स्वत्रंत प्रभार मंत्री रविंद्र जायसवाल ने आयोजन की भव्यता, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं तथा समाज की सामूहिक सहभागिता की सराहना किया। साथ ही गरबा जैसे सांस्कृतिक एवं भक्तिपूर्ण आयोजनों को सामाजिक एकता, अखंडता, आपसी प्रेम और भाईचारे को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम बताया।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मदन लाल जायसवाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान करके सम्मानित किया। पुरस्कार वितरण ने प्रतिभागियों के उत्साह को नई ऊर्जा प्रदान करते हुये सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया।
अध्यक्षीय उद्भोदन में मदन लाल जायसवाल ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को परस्पर जोड़ने, पारिवारिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने और सहयोग, सद्भाव तथा संगठन की भावना को सशक्त करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह महोत्सव इस विचार का सजीव उदाहरण बना कि संस्कृति केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान को जोड़ने और भविष्य की पीढ़ियों को संस्कारित करने वाली जीवंत शक्ति है।
आयोजन की सफलता में आयोजक संस्था अखिल भारतीय जायसवाल (सर्ववर्गीय) महासभा, सहयोगी संस्था गुजरात जायसवाल (सर्ववर्गीय) महसभा, अहमदाबाद शहर जिला जायसवाल (सर्ववर्गीय) महासभा, महिला महसभा, युवा महासभा एवं मदन लाल प्रभाती लाल जायसवाल परिवार, सामाजिक संगठनों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और समाज के समस्त सहयोगकर्ताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने समर्पण, समन्वय और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ अपना योगदान दिया। विभिन्न व्यवस्थाओं में दिखाई दिया सामंजस्य और सक्रिय सहभागिता आयोजन की भव्यता में चार चाँद लगाने वाला रहा।
कार्यक्रम में अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत का विशेष ध्यान रखा गया। सुव्यवस्थित आतिथ्य और व्यवस्थागत कुशलता ने उपस्थित समाजबंधुओं के अनुभव को और भी सुखद बनाया। महासभा की ओर से मुख्य अतिथि, सभी विशिष्ट अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं, समाज के वरिष्ठजनों, मातृशक्ति, युवाओं, स्वयंसेवकों तथा उपस्थित समस्त समाज बंधुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के सहयोग और सहभागिता की यह परंपरा भविष्य में भी भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और पारिवारिक सौहार्द को निरंतर सुदृढ़ करती रहेगी।
कार्यक्रम की सफलता की लिए युवा साथी कमलेश मदन लाल जायसवाल और उनकी टीम का विशेष आभार, जिन्होंने कई दिनों एवं रातों तक अथक परिश्रम कर आयोजन के प्रमुख सूत्रधार के रूप में सराहनीय भूमिका निभाई। पन्ना लाल जायसवाल, सुरेश भाई, संजय भाई, अजय भाई सुवालाल जायसवाल, हरि प्रकाश जायसवाल, विकास कालीचरण जायसवाल, आनंद सिंह मेवाडा (जोधपुर), उषा विनय जायसवाल, मनोज जायसवाल, कुंदन मेवाडा, निरंजन जायसवाल, हरीश (इंदौर), गीताबेन, प्रदीप जायसवाल, रवि चिमन भाई, हर्षद जायसवाल (बिलासिया) साबरकांठा जिला जायसवाल समाज, जगदीश जायसवाल (फ्रूट), कोमलबेन जायसवाल, राधेश्याम गुप्ता, रघुवर जायसवाल, अमरचन्द जायसवाल, राजू साव, आनंदीबेन जायसवाल, सी.एल. गुप्ता, संजय शीतला प्रसाद जायसवाल, प्रदीप जायसवाल (राजा डेरी), रमाशंकर जायसवाल, विपिन जायसवाल (गांधीनगर), टीकम जायसवाल, दयाशंकर जायसवाल, प्रेमचन्द शाह (दरियापुर), बाबू लाल जायसवाल, डॉ. हर्षाबेन जायसवाल, सुधाबेन अशोक जायसवाल, स्वीटीबेन जायसवाल, पंकज कैलाशचन्द जायसवाल, रवि जायसवाल, सुरेश राजपूत, अशोक जायसवाल (मास्टर), राजकुमार जायसवाल, अरविंद जायसवाल (मोडासा), योगेश धारवाल, बाबू लाल जायसवाल, जायसवाल बंधु शक्ति संगठन नरोडा, हार्दिक जायसवाल (CA), प्रेम जायसवाल, भाविन तरुण जायसवाल, श्वेतांग चीनू जायसवाल, हरिकेश जायसवाल, संतोष जायसवाल, योगेश धारवाल, सतीश जायसवाल, राजेश जायसवाल, दिनेश श्याम लाल जायसवाल, जीतु जायसवाल, प्रकाश जायसवाल, सविता जायसवाल, अहमदाबाद शहर जिला जायसवाल (सर्ववर्गीय) महिला महसभा आदि की महत्यपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का औपचारिक समापन महासभा के राष्ट्रीय सचिव हरि प्रकाश जायसवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ जिन्हों आयोजन की सफलता में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त किया।















