वर्षों की परम्परा में फिर जगी आस्था की लौ, ऐतिहासिक दशहरा मेले का आगाज
डीएम-एसएसपी ने किया शुभारम्भ, बोले- सामाजिक एकता एवं अखण्डता का प्रतीक है दशहरा
तेजस टूडे ब्यूरो
नन्द कुमार मिश्रा
लखीमपुर खीरी। आस्था की लौ, रामायण के प्रसंग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की छटा के बीच शहर के ऐतिहासिक दशहरा मेले का शुभारंभ हुआ। डीएम अंजनी सिंह और एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने नगर पालिकाध्यक्ष डॉ. ईरा श्रीवास्तव, ईओ संजय कुमार और मेला अध्यक्ष रवींद्र रावत के साथ विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर दीप प्रज्ज्वलित किया। साथ ही नगर की वर्षों पुरानी गौरवशाली परंपरा का उत्सव शुरू हो गया। नगर पालिकाध्यक्ष डॉ इरा श्रीवास्तव ने अपने स्वागत वक्तव्य में जिला प्रशासन, जनता का आभार व्यक्त करते हुए अतिथियों का सम्मान किया। उद्घाटन सत्र का संचालन समाजसेवी साहित्यकार राम मोहन गुप्त द्वारा किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि ऐतिहासिक दशहरा मेला और रामलीला किसी एक व्यक्ति या प्रशासन के प्रयासों का परिणाम नहीं, बल्कि नगरवासियों के निरंतर सहयोग, समर्पण और सहभागिता का प्रतिफल हैं। पांच पीढ़ियों ने अपने योगदान से इस परंपरा को समृद्ध किया है। उन्होंने नगरवासियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूती प्रदान करते हैं। अक्टूबर और नवंबर के महीने भक्ति और उल्लास से सराबोर रहते हैं। नवरात्र, दुर्गा पूजा, रामलीला, रावण दहन, दीपावली जैसे पर्व समाज में समरसता, आनंद और शांति का संदेश देते हैं। मेले की परंपरा को आगे बढ़ाने में जनभागीदारी सबसे अहम है।
श्रीराम चरित मानस से विनम्रता का दिया संदेश
डीएम ने श्रीराम चरित मानस की चौपाई ‘सो सब तव प्रताप रघुराई, नाथ न कछू मोर प्रभुताई’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अच्छे कार्यों की सफलता का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि ईश्वर की कृपा और जनसामान्य के सहयोग को दिया जाना चाहिए। उन्होंने मेले के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन की कामना करते हुए आयोजकों एवं नगरवासियों के प्रति आभार जताया।
रामायण की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
नगर पालिका परिषद की ओर से आयोजित मेला दशहरा-2026 के पहले दिन लखनऊ के नित्यांजलि फाउंडेशन के कलाकारों ने रागिनी श्रीवास्तव के निर्देशन में रामायण आधारित मनमोहक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। सीता स्वयंवर, राम वनगमन, रावण वध और श्रीराम के राजतिलक के प्रसंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में राजकुमार त्रिवेदी एडवोकेट, पूर्व सभासद शिवकांत मिश्रा और आचार्य अजय शास्त्री को शॉल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सीओ सिटी महक शर्मा, मेलाधिकारी समरा सईद, सभासदों, नगर पालिका के अधिकारियों -कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।













