पंचायत ठेके की आड़ में हो रही टैक्स वसूली
हाईवे पर ट्रकों को रोक करके लिया जा रहा गुण्डा टैक्स
तेजस टूडे ब्यूरो
रूपा गोयल
बांदा। जनपद के हाईवे अब खनिज परिवहन करने वाले ट्रक चालकों के लिए दहशत का सबब बन चुके हैं। जिला पंचायत द्वारा जारी तहबाजारी वसूली का ठेका अब पूरी तरह गुंडाटैक्स में तब्दील हो चुका है। हाईवे पर ट्रकों को जबरन रोककर खुलेआम रंगदारी वसूली जा रही है। इस खुले खेल से ट्रक चालक और ट्रांसपोर्टर खौफ के साए में हैं लेकिन जिला प्रशासन की रहस्यमयी खामोशी प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़े कर रही है।
गिरवाँ क्षेत्र के खोही गांव के पास हालात सबसे ज्यादा बदतर हैं जहाँ दिनदहाड़े लाठी-डंडों के दम पर वाहनों को रोककर अवैध वसूली की जा रही है। यही हाल मटौंध और शहर से सटे दुरेंडी हाईवे का है। दुरैड़ी में बदनामी से बचने के लिए वसूली करने वालों ने अपनी जगह तो थोड़ी बदल ली है लेकिन अवैध वसूली का खेल बदस्तूर जारी है। बदनामी और कार्रवाई के डर से कई जगह वसूली अड्डों से जिला पंचायत के बोर्ड तक हटा दिए गए हैं और छिपकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है।
पीड़ित ट्रक चालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वसूली करने वाले खुद को ठेकेदार के आदमी बताते हैं। तहबाजारी की रसीद के नाम पर तय सरकारी रेट से कई गुना ज्यादा पैसा वसूला जा रहा है। हर चक्कर पर चालकों से 500 से लेकर 2000 तक की अवैध मांग की जाती है। पैसा देने में आनाकानी करने पर गाली-गलौज, मारपीट और गाड़ियों के शीशे तक तोड़ दिए जाते हैं। चालकों का आरोप है कि गुंडई के बल पर आवाज दबा दी जाती है जिससे डरकर कोई पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
गौरतलब है कि इसी वर्ष 30 अप्रैल 2026 को हुई ई-नीलामी में वर्ष 2026-27 के लिए खनिज परिवहन शुल्क वसूली का ठेका पांडेय समूह को लगभग 19 करोड़ रुपय में छूटा था। यह रकम पिछले साल की तुलना में कई गुना ज्यादा है। सूत्र बताते हैं कि इतनी ऊंची बोली सिर्फ इसलिए लगाई गई, ताकि ठेके की आड़ में हाईवे पर गुंडई और अवैध वसूली कर इस रकम की भरपाई की जा सके और मोटा मुनाफा कमाया जा सके। इस गंभीर मामले और ओवर-रेटिंग के खेल पर जब जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अरविंद मोहन से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो हमेशा की तरह रटा-रटाया जवाब मिला साहब अभी मीटिंग में व्यस्त हैं। हाईवे पर रोज हो रही इस लूट से त्रस्त ट्रांसपोर्टरों और चालकों ने सूबे के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मांग किया कि तहबाजारी की आड़ में चल रहे इस रंगदारी रैकेट को तुरंत बंद कराया जाए। अवैध वसूली करने वाले गुर्गों पर तत्काल मुकदमा दर्ज हो और इस बात की भी उच्चस्तरीय जांच की जाय।
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