HomeTrendingदीपोत्सव से पहले नगर निगम चलायेगा मां सरयू स्वच्छता महाअभियान

दीपोत्सव से पहले नगर निगम चलायेगा मां सरयू स्वच्छता महाअभियान

  • दीपोत्सव से पहले नगर निगम चलायेगा मां सरयू स्वच्छता महाअभियान

  • 24 से शुरू होगा एक सप्ताह का विशेष स्वच्छता अभियान

  • 31 को सरयू के घाटों पर जुटेंगे शहरवासी

तेजस टूडे ब्यूरो
राजेश श्रीवास्तव
अयोध्या। दीपोत्सव से पहले रामनगरी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर निगम एक सप्ताह का विशेष स्वच्छता अभियान चलाएगा। इसकी शुरुआत 24 अक्टूबर को हनुमानगढ़ी क्षेत्र की सफाई से होगी जबकि अभियान का समापन 31 अक्टूबर को सरयू के घाटों पर आयोजित होने वाले मां सरयू स्वच्छता महाअभियान के साथ होगा। इसमें नगर निगम के कर्मचारियों के साथ जनप्रतिनिधि, संभ्रांत नागरिक, स्वयंसेवी संगठनों, व्यापारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य दीपोत्सव से पहले अयोध्या को जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छ बनाना और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। 31 अक्टूबर को सरयू नदी के घाटों पर व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसमें पॉलिथीन, कपड़े सहित अन्य कचरे को हटाया जाएगा। एकत्रित कचरे को निर्धारित प्रक्रिया के तहत एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) केंद्र भेजकर उसका उचित निस्तारण किया जाएगा।
महापौर ने बताया कि अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बैठकें कर सहयोग मांगा जाएगा। अभियान के तहत प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर सफाई के साथ जनजागरूकता कार्यक्रम किये जायेंगे। महापौर के मुताबिक नगर निगम का प्रयास है कि दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित अयोध्या का अनुभव मिले तथा स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी की भावना मजबूत हो।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने 24 अक्टूबर को सुबह हनुमानगढ़ी क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया जाएगा। शाम 4 बजे जोनल कार्यालय में व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी। 25 अक्टूबर को सुबह रिकाबगंज चौराहे पर सफाई अभियान चलेगा। सायंकाल जोनल कार्यालय में होटल कारोबारियों के साथ बैठक कर स्वच्छता में सहयोग मांगा जाएगा। उन्होंने बताया कि 26 अक्टूबर को अयोध्याधाम क्षेत्र में सफाई कराई जाएगी। साथ ही ठेला और पटरी दुकानदारों से संवाद कर स्वच्छता के मानकों की जानकारी दी जाएगी तथा सफाई में सहयोग की अपील की जाएगी। नगर आयुक्त के मुताबिक 27 अक्टूबर को कनक भवन मंदिर के निकट सफाई अभियान चलाया जाएगा। 28 अक्टूबर को चौक, घंटाघर और गुलाबबाड़ी क्षेत्र में सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा अपराह्न सर्किट हाउस में गैर-सरकारी संगठनों और अन्य संबंधित समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी। 29 अक्टूबर को सुबह कचहरी परिसर में सफाई अभियान चलाया जाएगा।
जोनल कार्यालय अयोध्या धाम में संत समाज के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया जाएगा। 30 अक्टूबर को मणिपर्वत पर सफाई अभियान चलेगा। साथ ही विभिन्न स्थानों पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करके लोगों को अगले दिन होने वाले महाअभियान में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 31 अक्टूब को सरयू के घाटों और नदी तट पर मां सरयू स्वच्छता महाअभियान चलाया जाएगा। अभियान की तैयारियों और व्यवस्थाओं के लिए अपर नगर आयुक्त भरत भार्गव के नेतृत्व में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पत्रकार वार्ता में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएम शुक्ल, जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडेय, शिक्षाविद आलोक सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

दुर्गा पूजा एवं दशहरा में बेहतर व्यवस्था के लिये निगम कर्मियों को महापौर ने सराहा
दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान नगर निगम क्षेत्र में सफाई, प्रकाश, पेयजल आपूर्ति और मार्ग व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की महापौर महंत गिरिशपति त्रिपाठी ने सराहना किया। साथ ही कहा कि नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जिससे पूरे उत्सव के दौरान व्यवस्थाएं बेहतर बनी रहीं और कहीं से किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत नहीं मिली। महापौर ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान नगर निगम क्षेत्र में स्थापित 150 से अधिक दुर्गा प्रतिमा स्थलों पर दो-दो सफाई मित्र की तैनाती की गई थी। इसके अलावा प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों की सफाई के लिए 1500 सफाई मित्रों को लगाया गया था। पूजा पंडालों और भंडारा स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 42 टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की गई। प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया। जीआइसी चौराहा, चौक और निर्मली कुंड घाट सहित प्रमुख स्थलों पर विसर्जन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के बैठने के लिए टेंट लगाए गए थे। इन स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था भी की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।

 

 

 

 

 

Must Read