HomeTrendingराम जन्मभूमि परिसर की 3400 मीटर लम्बी सुरक्षा दीवार में अड़चन

राम जन्मभूमि परिसर की 3400 मीटर लम्बी सुरक्षा दीवार में अड़चन

  • राम जन्मभूमि परिसर की 3400 मीटर लम्बी सुरक्षा दीवार में अड़चन

  • 850 मीटर हिस्से में बनेंगे तात्कालिक फेंसिंग

  • ट्रस्ट कर रहा जमीन अधिग्रहण का प्रयास

तेजस टूडे ब्यूरो
राजेश श्रीवास्तव
अयोध्या। प्रभु श्रीरामलला के मुख्य मंदिर समेत लगभग 100 एकड़ में फैले संपूर्ण राम जन्मभूमि परिसर को 16 फीट ऊंची और 400 मिलीमीटर मोटी कंक्रीट की मजबूत दीवार से घेरने के कार्य में स्थानीय स्तर पर बाधा उत्पन्न हो रही है। कुल 3400 मीटर लंबी इस सुरक्षा दीवार के दायरे में लगभग 850 मीटर क्षेत्र ऐसा है जहां स्थानीय नागरिकों के निजी मकान, दुकानें और भूखंड स्थित हैं। इसके चलते इस हिस्से में कंक्रीट की दीवार का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी इस बाधा को दूर करने के लिए संबंधित भू—स्वामियों से बातचीत, भूमि क्रय अथवा जमीन विनिमय (अदला-बदली) के प्रयासों में जुटे हैं, ताकि आने वाले समय में पूरी दीवार का काम एक समान रूप से पूरा हो सके।
जब तक भूमि अधिग्रहण या आपसी सहमति का समाधान नहीं निकलता, तब तक सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए ट्रस्ट ने अवशेष 850 मीटर क्षेत्र में विशेष और अभेद्य फेंसिंग कराने का निर्णय लिया है। हालांकि इस परिधि में लोहे की ग्रिल और कंटीले तार पहले से लगे हुए हैं किंतु अब इसे नए सिरे से इस प्रकार डिजाइन कर फेंस किया जाएगा कि भविष्य में सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की कोई चूक या खतरा न रहे। वार्ता सफल होने की स्थिति में अगले वर्ष इस शेष हिस्से में भी कंक्रीट की पक्की सुरक्षा दीवार खड़ी की जाएगी।
केंद्र सरकार की प्रतिष्ठित कार्यदायी संस्था इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) को इस वृहद सुरक्षा दीवार के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है। ईआईएल के प्रोजेक्ट मैनेजर दुर्गेश कुमार के अनुसार कुल 3400 मीटर में से अब तक 1850 मीटर लंबी दीवार का ढांचा तैयार किया जा चुका है जबकि 700 मीटर हिस्से में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है जिसे आगामी नवंबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। शेष 850 मीटर क्षेत्र में तात्कालिक फेंसिंग के सहारे सुरक्षा कवच तैयार किया जाएगा।
संपूर्ण परिसर की 24 घंटे सघन निगरानी सुनिश्चित करने के लिए दीवार की परिधि पर आधुनिक निगरानी उपकरणों से लैस कुल 21 वॉच टावरों का निर्माण कराया जा रहा है जिन्हें दिसंबर माह तक पूरा करने की समय सीमा तय की गई है। पूर्व योजना में 25 वॉच टावर बनाए जाने थे, लेकिन तकनीकी समीक्षा के उपरांत अब इनकी संख्या 21 रखी गई है जिनमें से दो वॉच टावर मॉडल के रूप में बनकर तैयार भी हो चुके हैं। इन टावरों के जरिए सुरक्षा बल आधुनिक कैमरों और उपकरणों के साथ चारों ओर से परिसर की सुरक्षा पर पैनी नजर रख सकेंगे।

 

 

 

 

 

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