परसेंडी ब्लॉक की तालगांव पंचायत भ्रष्टाचार में नम्बर वन, चर्चा तेज?
आखिर क्या है घोटाला, दहकता सवाल
तेजस टूडे ब्यूरो
विशाल रस्तोगी
सीतापुर। प्रदेश की योगी सरकार ने जहां प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर सख्त कदम उठाएं हैं और योजनाओं को सही तरीके से लागू हो और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम हो रहा है।
जिसके चलते किसी भी कार्य को भ्रष्टाचार तब्दील करने पर कड़ी कार्यवाही के भी संकेत शासन और प्रशासन की तरफ से समय-समय पर मिलते रहते हैं लेकिन इसके बावजूद भी भ्रष्टाचार करने वाले भ्रष्टाचार कर बच निकलने की कवायत में यह भूल जाते हैं कि अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो वह बच निकलने में इतनी आसानी से क्या कामयाब हो जाएंगे जो सवाल बन चुका है और जनमानस में इस दौरान चर्चाओं का माहौल बना रहा है कि विकास खण्ड परसेंडी की तालगांव ग्राम पंचायत अपने आप में भ्रष्टाचार को लेकर काफी चर्चाओं में इस ग्राम पंचायत में दयावती फिलिंग श्री कृष्ण फीलिंग स्टेशन के नाम से पंचम वित्त और 15वें वित्त में 312845 रूपये डीजल व्यय का दिखाया गया है जो काफी बड़ी भारी भरकम धनराशि जिसको लगभग पांच बार में दिखाया गया है। गौशाला मरम्मत में 77367 रूपये दिखाया गया है जबकि जिम्मेदार अगर देखे तो गौशाला में हालत आज भी वही नजर आएंगे जो हमेशा से रहे हैं। बनवारी के मकान से रविशंकर के मकान तक इंटरलॉकिंग कार्य 23 जून 2022 को 59553 रूपये का कार्य दिखाया गया है जबकि अगर इंटरलॉकिंग की हालत पर रख लिए जाएं तो मानक विहीन स्पष्ट नजर आएगी जो जिस तरीके से बनाई गई है वह हालात ग्राम पंचायत में किसी की नजर से छिपी नहीं है। इस तरीके से कई कार्य दिखाए गए हैं जिनमें पैसा बड़े पैमाने पर खर्च हुआ है लेकिन कार्य अगर देखा जाए तो स्थल निरीक्षण में मानक विहीन ही नजर आ रहा है अगर इस सभी की निष्पक्षता से जांच कर ली जाए तो यह अंदाजा लग जाएगा कि किस तरीके से तालगांव ग्राम पंचायत में सरकारी धन को ग्राम प्रधान और सचिन की मनमानी से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। अब देखना यह है क्या इस प्रकरण में जिम्मेदार सामने आएंगे और जांच कराएंगे अगर जांच हुई तभी होगा हकीकत का खुलासा की क्या है हकीकत और क्या है फसाना?
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