काका हाथरसी से नवाजे गये साहित्य भूषण कमलेश मौर्य
तेजस टूडे ब्यूरो
विशाल रस्तोगी
बिसवां, सीतापुर। आलोक लोक सेवा संस्थान द्वारा राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय मंत्री साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु को “काका हाथरसी” सम्मान से सम्मानित किया गया।
संस्थान द्वारा संस्थाध्यक्ष वरिष्ठ कवि योगेन्द्र बहादुर सिंह उपाख्य आलोक सीतापुरी द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन पर यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष कविता लोक के संस्थापक वरिष्ठ साहित्यकार ओम नीरव, मुख्य अतिथि साहित्य भूषण डा रामकरन मिश्र सैलानी, विशिष्ट अतिथि केदारनाथ शुक्ला, डा प्रवीण श्रीवास्तव प्रेम, संस्कार भारती सीतापुर के अध्यक्ष इं. अंबरीष अंबर, डा मनोज दीक्षित ने अंगवस्त्र माल्यार्पण व सम्मान पत्र प्रदान किया। इसी क्रम में कवि सम्मेलन में पधारे लगभग 3 दर्जन अन्य कवियों को भी सम्मानित किया गया। कच्छप नगरी रिहार इस्टेट में आयोजित कवि सम्मेलन का संचालन कमलेश मौर्य मृदु ने किया। उन्होंने अपने काव्य पाठ में कहा—— मिलाकर आंख दुनिया से ये भारत बात करता है। पटखनी पर पटखनी दे जो इससे घात करता है। बुलेट एके सैंतालीस की कभी आयात करता था, वो भारत विश्व में ब्रह्मोस का निर्यात करता है।। उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा—— धैर्य की हमारे अब और ना परीक्षा लीजिए धैर्य यदि चुका तो तबाही मच जायेगी। भारतीय सैनिकों ने भरी जो हुंकार रौद्र बोटी नहीं एक भी सलामत बच पायेगी। आप औकात अपनी न भूलिए जनाब वरना चौदहवीं सदी हो अब सच जायेगी। संख्या कितनी है बनी चटनी तो हर हिंदुस्तानी की चपाती लौं नहीं पहुंच पायेगी।।
इस दौरान विंदु प्रभा, विजय प्रताप पांडेय, अंबिका अंबुज, कु गरिमा, सुमन मिश्रा, अरुण शर्मा बेधड़क, राम किशोर श्रीवास्तव, गीता श्रीवास्तव, शिवांशु सुंदरम, सार्थक, गौरवान्वित, अपूर्व त्रिवेदी सहित सभी उपस्थित कवियों ने काव्य पाठ करते हुए डा आलोक सीतापुरी व विंदु प्रभा को बधाई दिया।अन्त में आलोक सीतापुरी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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