एम्स की सुरक्षा के साथ व्यक्तिगत मदद के लिये सुरक्षा गार्ड हमेशा तत्पर
तेजस टूडे ब्यूरो
सन्दीप पाण्डेय
रायबरेली। एम्स जहां पर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त सैनिकों के कंधों पर है।
उनका काम है परिसर के अंदर सुरक्षा व्यवस्था और कानून की व्यवस्था बनाए रखना लेकिन इसके अतिरिक्त भी व्यक्तिगत रूप से ये गार्ड लोगो की मदद करते रहते हैं। एम्स में अपनी पत्नी का इलाज कराने आए रंजीत सिंह की पत्नी का पर्स परिसर के अंदर कहीं गिर गया। जिसमें रूपये 12000 एक जोड़ी पायल व एक चांदी की अंगूठी थी। महिला गार्ड रश्मि सिंह व सुपरवाइजर राम बहादुर यादव को वह पर्स मिला। जिसके बाद उस महिला की तलाश शुरू हुई और उसे सुरक्षा कर्मियों के द्वारा उसके खोए पैसे और पर्स वापस किया गया। दूसरी घटना उस समय घटित हुई जब परिसर के अंदर एक महिला मरीज अचानक गिर गई, जिसे सुपरवाइजर राम बहादुर यादव ने तुरन्त देर न करते हुए अपनी गोद में उठाया और इमरजेंसी लेकर पहुंचे और उसका इलाज शुरू कराया जहां एम्स परिसर में स्वास्थ्य कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं वहां की व्यवस्था को बनाये रखने के लिए सुरक्षाकर्मी भी लगातार सतर्क रहते हैं क्योंकि ये सुरक्षाकर्मी से सेवानिवृत्त होते हैं इसलिए सेवा की भावना भी इनके अंदर कूट-कूट कर भरी होती है। कभी भी एम्स या ऐसी किसी संस्था में जाइए जहां सेवानिवृत्त सुरक्षाकर्मी कार्यरत हो तो उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखिए और उनकी मदद लीजिए और उनकी व्यवस्थाओं को बनाए रखने में मदद करिए।
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